किशनगंज: बिहार के किशनगंज जिले में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के एक जवान द्वारा संतरी ड्यूटी के दौरान अपनी सरकारी इंसास राइफल से गोली मारकर एसएसबी जवान आत्महत्या किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना के बाद से एसएसबी और स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे कथित प्रेम प्रसंग को मुख्य वजह माना जा रहा है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से गहन जांच कर रही है।
घटनास्थल पर पहुंचे वरिष्ठ अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही एसएसबी के डीआईजी एकेसी सिंह, ठाकुरगंज के एसडीपीओ मनोज कुमार सिंह और सर्किल इंस्पेक्टर पंकज कुमार तत्काल मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की मौजूदगी में फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाने के साथ ही वहां तैनात अन्य जवानों से भी विस्तृत पूछताछ की है।
रात 12 से सुबह 3 बजे के बीच घटी घटना
प्रारंभिक जांच और घटनास्थल के निरीक्षण के आधार पर अधिकारियों ने बताया कि जवान ने रात करीब 12 बजे से सुबह 3 बजे के बीच संतरी ड्यूटी के दौरान अपनी सरकारी इंसास राइफल से सिर में गोली मार ली। घटनास्थल के समीप से इंसास राइफल का एक खोखा भी बरामद किया गया है। घटना के बाद मृतक की मृत्यु समीक्षा रिपोर्ट तैयार कर शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, किशनगंज भेज दिया गया।
मृतक जवान की पहचान
ठाकुरगंज थानाध्यक्ष गौतम कुमार ने बताया कि मृतक की पहचान चयन मंडल, पिता प्रफुल्ल मंडल, निवासी जगाई बासन, थाना दीघा मोहन कोस्टल, जिला पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल के रूप में हुई है। घटना की जानकारी उसके परिजनों को दूरभाष के माध्यम से दे दी गई है। पुलिस का कहना है कि परिजनों से आवेदन प्राप्त होने के बाद मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रेम प्रसंग समेत सभी पहलुओं की जांच जारी
पुलिस आत्महत्या के कारणों और कथित प्रेम प्रसंग समेत अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है। एसएसबी के वरिष्ठ अधिकारी भी अपने स्तर से आंतरिक जांच करवा रहे हैं। जवान के मोबाइल फोन और अन्य निजी सामान को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि आत्महत्या के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
सशस्त्र बलों में तनाव प्रबंधन की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर सशस्त्र बलों में तैनात जवानों के मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि दुर्गम इलाकों में लंबी ड्यूटी, पारिवारिक समस्याएं और व्यक्तिगत तनाव कई बार जवानों को ऐसा कदम उठाने पर मजबूर कर देते हैं। सशस्त्र सीमा बल की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जवानों के कल्याण के लिए कई योजनाओं का जिक्र है, लेकिन जमीनी स्तर पर इनके क्रियान्वयन की समीक्षा जरूरी है।
पुलिस और एसएसबी दोनों ही इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के नतीजे आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल, जवान के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया चल रही है।



