नई दिल्ली: भारतीय युवा बल्लेबाज शुभमन गिल ने बर्मिंघम में इंग्लैंड के खिलाफ 430 रन बनाकर एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरा स्थान हासिल किया है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ ही उन्होंने भारतीय क्रिकेट के इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया है। टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड भले ही ब्रायन लारा के नाम हो, लेकिन एक मैच की दोनों पारियों को मिलाकर सर्वाधिक रन बनाने का कीर्तिमान इंग्लैंड के ग्राहम गूच के नाम दर्ज है, जो पिछले 36 वर्षों से अटूट है।
एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले टॉप-5 बल्लेबाज
टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में बल्लेबाजों ने कई बार अपनी धैर्य और कौशल का परिचय देते हुए विशाल स्कोर खड़े किए हैं। एक मैच की दोनों पारियों को जोड़कर देखें तो शीर्ष पांच बल्लेबाजों की सूची में विश्व क्रिकेट के दिग्गज नाम शामिल हैं। आइए जानते हैं इन रिकॉर्डधारी बल्लेबाजों के बारे में विस्तार से।
1. ग्राहम गूच – 456 रन (इंग्लैंड बनाम भारत, लॉर्ड्स 1990)
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान ग्राहम गूच इस सूची में 456 रनों के साथ शीर्ष पर काबिज हैं। 26 जुलाई 1990 को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर भारत के खिलाफ खेले गए टेस्ट मैच में गूच ने बल्लेबाजी की अद्वितीय मिसाल पेश की। उन्होंने पहली पारी में शानदार 333 रन बनाए, जो उस समय इंग्लैंड की ओर से सर्वाधिक व्यक्तिगत स्कोर था। मैच की दूसरी पारी में भी गूच का बल्ला खामोश नहीं हुआ और उन्होंने 123 रन की शतकीय पारी खेलकर अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। इस तरह मैच में उनके कुल 456 रन बने। यह रिकॉर्ड लगभग 36 वर्षों से कायम है और इसे तोड़ना किसी भी बल्लेबाज के लिए एक बड़ी चुनौती माना जाता है।
2. शुभमन गिल – 430 रन (इंग्लैंड बनाम भारत, बर्मिंघम 2025)
भारत के युवा सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने 2 जुलाई 2025 को बर्मिंघम के एजबेस्टन मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। गिल ने पहली पारी में 269 रन की मैराथन पारी खेली, जिसमें उन्होंने गेंदबाजों की जमकर धुनाई की। दूसरी पारी में भी उन्होंने शानदार लय बरकरार रखते हुए 161 रन बनाए। दोनों पारियों को मिलाकर उनके खाते में 430 रन आए। इसके साथ ही गिल एक टेस्ट मैच में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने इस दौरान कई दिग्गजों को पीछे छोड़ा और भारतीय क्रिकेट के लिए एक गौरवशाली क्षण दर्ज कराया। गिल की इस पारी को उनकी तकनीक, धैर्य और परिपक्वता का प्रमाण माना जा रहा है।
3. मार्क टेलर – 426 रन (ऑस्ट्रेलिया बनाम पाकिस्तान, पेशावर 1998)
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान मार्क टेलर 426 रनों के साथ इस सूची में तीसरे पायदान पर हैं। 15 अक्टूबर 1998 को पेशावर में पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए टेस्ट में टेलर ने पहली पारी में नाबाद 334 रन बनाकर सर डॉन ब्रैडमैन के ऑस्ट्रेलियाई रिकॉर्ड (334) की बराबरी की थी। उन्होंने अपनी पारी घोषित कर दी थी, अन्यथा वे लारा के 400 रन के रिकॉर्ड को भी चुनौती दे सकते थे। दूसरी पारी में उन्होंने 92 रन का योगदान दिया, जिससे मैच में उनका कुल स्कोर 426 रन रहा। टेलर की यह पारी उनकी एकाग्रता और नेतृत्व क्षमता का बेहतरीन उदाहरण है।
4. कुमार संगकारा – 424 रन (श्रीलंका बनाम बांग्लादेश, चटगांव 2014)
श्रीलंका के महान विकेटकीपर बल्लेबाज कुमार संगकारा 424 रनों के साथ चौथे स्थान पर हैं। 4 फरवरी 2014 को चटगांव में बांग्लादेश के खिलाफ खेले गए टेस्ट में संगकारा ने पहली पारी में 319 रन और दूसरी पारी में 105 रन बनाए। यह उनके टेस्ट करियर का आखिरी दोहरा शतक था और उन्होंने इस मैच में अपनी क्लासिक बल्लेबाजी का नजारा पेश किया। संगकारा की इस उपलब्धि ने श्रीलंकाई क्रिकेट को एक नई ऊंचाई दी थी।
5. ब्रायन लारा – 400 रन (वेस्टइंडीज बनाम इंग्लैंड, सेंट जॉन्स 2004)
वेस्टइंडीज के दिग्गज ब्रायन लारा 400 रनों के साथ इस सूची में पांचवें स्थान पर हैं। 10 अप्रैल 2004 को एंटीगुआ के सेंट जॉन्स में इंग्लैंड के खिलाफ लारा ने नाबाद 400 रन की ऐतिहासिक पारी खेली थी। यह टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में किसी भी बल्लेबाज द्वारा एक पारी में बनाया गया सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है, जो आज भी अटूट है। चूंकि लारा दूसरी पारी में बल्लेबाजी करने नहीं उतरे (पारी घोषित), इसलिए मैच में उनका कुल स्कोर 400 रन ही रहा। लारा का यह रिकॉर्ड बल्लेबाजी की पराकाष्ठा माना जाता है।
शुभमन गिल की उपलब्धि का महत्व
शुभमन गिल का इस सूची में दूसरे स्थान पर आना भारतीय क्रिकेट के लिए बेहद खास है। उनसे पहले किसी भी भारतीय बल्लेबाज ने एक टेस्ट मैच में 400 से अधिक रन नहीं बनाए थे। गिल ने यह कारनामा इंग्लैंड की धरती पर, तेज और उछाल भरी पिच पर किया है, जो उनकी तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। 24 वर्ष की आयु में इस तरह का रिकॉर्ड बनाना उनके उज्ज्वल भविष्य का संकेत देता है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गिल इसी निरंतरता के साथ खेलते रहे तो वे भविष्य में ग्राहम गूच के 456 रन के रिकॉर्ड को भी चुनौती दे सकते हैं।
इस सूची में शीर्ष पांच में से तीन बल्लेबाज (गूच, टेलर, संगकारा) ऐसे हैं जिन्होंने दोनों पारियों में बड़ा स्कोर बनाया, जबकि लारा ने एक ही पारी में 400 रन बनाकर सूची में जगह बनाई। गिल ने दोनों पारियों में शतक जड़कर (269 और 161) अपनी निरंतरता साबित की है। आधुनिक क्रिकेट में जहां गेंदबाजों के अनुकूल पिचें और व्यस्त कार्यक्रम बल्लेबाजों के लिए चुनौती बने हुए हैं, वहां गिल का यह प्रदर्शन और भी प्रशंसनीय हो जाता है।
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