चौपारण: हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय बरहमौरिया में फर्जी हस्ताक्षर से निकासी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। विद्यालय के अध्यक्ष दिनकर कुमार मिश्रा ने प्रधानाध्यापक भगीरथ रविदास पर कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर बनाकर बैंक खाते से 1.50 लाख रुपये निकालने का गंभीर आरोप लगाया है।
आवेदन में लगाए गए गंभीर आरोप
विद्यालय अध्यक्ष ने इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), हजारीबाग एवं उपायुक्त, हजारीबाग को लिखित आवेदन देकर निष्पक्ष जांच और न्याय की गुहार लगाई है। आवेदन में मांग की गई है कि जांच में आरोप सही पाए जाने पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए। अध्यक्ष का कहना है कि विद्यालय के बैंक खाते के संचालन में उनका हस्ताक्षर अनिवार्य है, लेकिन वित्तीय अभिलेखों की जांच के दौरान उन्हें कुछ ऐसे कागजात मिले जिन पर उनके नाम से हस्ताक्षर अंकित थे। उन्होंने इसे अपना हस्ताक्षर मानने से इनकार करते हुए फर्जी बताया है।
फर्जी हस्ताक्षर से निकासी का विवरण
आरोप के अनुसार, इसी कथित फर्जी हस्ताक्षर के आधार पर कुल 1.50 लाख रुपये की निकासी की गई। अध्यक्ष ने कहा कि विद्यालय खाते की राशि विद्यार्थियों के हित, विद्यालय के विकास और शैक्षणिक गतिविधियों के लिए है। इस राशि का अनियमित तरीके से निकाला जाना गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। शिकायत के साथ कथित फर्जी हस्ताक्षर वाले दस्तावेजों की छायाप्रति संलग्न कर बैंक स्टेटमेंट, निकासी अभिलेखों और विद्यालय के समस्त वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की मांग की गई है।
मुख्य तथ्य एक नजर में
- विद्यालय: उत्क्रमित उच्च विद्यालय बरहमौरिया, चौपारण (हजारीबाग)
- आरोप लगाने वाला: विद्यालय अध्यक्ष दिनकर कुमार मिश्रा
- आरोपित: प्रधानाध्यापक भगीरथ रविदास
- आरोप: फर्जी हस्ताक्षर से 1.50 लाख रुपये की निकासी
- शिकायत प्रेषित: डीईओ हजारीबाग एवं उपायुक्त हजारीबाग को
जांच की मांग और आगे की कार्रवाई
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आवेदन प्राप्त हुआ है और नियमानुसार जांच कराई जाएगी। बैंक रिकॉर्ड और विद्यालय के वित्तीय अभिलेखों की गहन पड़ताल के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले में प्रधानाध्यापक भगीरथ रविदास का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आया है। लगाए गए आरोप फिलहाल विद्यालय अध्यक्ष के आवेदन पर आधारित हैं। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और बैंक रिकॉर्ड की जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं।
विद्यालयों में वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए विभागीय दिशानिर्देशों का कड़ाई से पालन जरूरी है। हजारीबाग जिला प्रशासन से अपेक्षा है कि इस मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



