छौड़ाही: बेगूसराय जिले के छौड़ाही प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित एचएफसी गोदाम से लगातार घटिया चावल आवंटन का मामला सामने आने के बाद जन वितरण प्रणाली के डीलरों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पिछले चार आवंटन से मिल रहे खराब चावल ने लाभुकों के साथ-साथ डीलरों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
लगातार चार लॉट से मिल रहा खराब चावल
डीलर संतोष यादव और मनोरंजन पोद्दार ने पत्रकारों को बताया कि पिछले करीब चार आवंटन (लॉट) से लगातार घटिया किस्म का चावल दिया जा रहा है। इस चावल में कंकड़, टुकड़ा और तेज बदबू की शिकायत है। गुणवत्ता इतनी खराब है कि लाभुक इसे लेने से साफ इनकार कर रहे हैं।
डीलरों को झेलनी पड़ रही गाली-गलौज
स्थिति यह हो गई है कि घटिया चावल मिलने पर लाभुक डीलरों से ही गाली-गलौज कर रहे हैं, जबकि इसमें डीलरों की कोई गलती नहीं है। डीलरों का कहना है कि वे केवल वितरण का काम करते हैं, चावल की गुणवत्ता तय करना उनके हाथ में नहीं है। इसके बावजूद उन्हें जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है।
विभागीय उदासीनता से बढ़ी परेशानी
डीलरों ने बताया कि इस समस्या की शिकायत कई बार विभाग से की गई है, लेकिन विभाग के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है। कोई कार्रवाई नहीं होने से सप्लायर और अधिकारियों की मिलीभगत की आशंका बलवती हो रही है। गोदाम में कार्यरत एक कर्मी ने नाम न छापने की शर्त पर खुलासा किया कि यह माल आरा जिले से आता है और वहीं से घटिया चावल भेजा जा रहा है।
आम जनता को मवेशी समझने जैसा बर्ताव
डीलरों का आरोप है कि शिकायत के बाद भी विभाग लाभुकों को घटिया चावल देने पर मजबूर कर रहा है, जो आम जनता को मवेशी समझने जैसा है। इससे साफ जाहिर होता है कि विभागीय लापरवाही और सप्लायर से मिलीभगत के कारण घटिया चावल मुहैया कराया जा रहा है।
अधिकारियों का पक्ष
सहायक गोदाम प्रबंधक ने झाड़ा पल्ला
इस संबंध में सहायक गोदाम प्रबंधक निभा कुमारी ने दूरभाष पर बताया, “इसमें हमारी क्या गलती है, विभाग से जो चावल आता है, हम वही वितरण कराते हैं।” उनका यह बयान व्यवस्था की लाचारगी को दर्शाता है।
एफसीआई जिला प्रबंधक ने दिया जांच का आश्वासन
वहीं, एफसीआई के जिला प्रबंधक अमित कुमार ने दूरभाष पर कहा कि “अगर ऐसी बात है तो मामले की जांच कराकर घटिया चावल के वितरण पर रोक लगा दी जाएगी।” अब देखना होगा कि यह जांच कब तक पूरी होती है और लाभुकों को गुणवत्तापूर्ण चावल कब से मिलना शुरू होता है।
जन वितरण प्रणाली पर उठे सवाल
इस पूरे प्रकरण ने जन वितरण प्रणाली (PDS) की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब तक आपूर्ति श्रृंखला में गुणवत्ता जांच की पुख्ता व्यवस्था नहीं होगी, गरीब लाभुकों को घटिया अनाज मिलता रहेगा। भारतीय खाद्य निगम (FCI) की आधिकारिक वेबसाइट पर गुणवत्ता मानकों की जानकारी उपलब्ध है।
फिलहाल छौड़ाही के डीलर और लाभुक दोनों ही विभागीय कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। देखना होगा कि जिला प्रबंधक का आश्वासन कब तक धरातल पर उतरता है और कब लाभुकों को उनका हक़ का गुणवत्तापूर्ण राशन मिलना शुरू होता है।



