बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय में लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पदयात्रा का आयोजन कर सत्ताधारी दल के प्रमुख नेताओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक मर्यादाओं की रक्षा का पुरजोर आह्वान किया। यह पदयात्रा गांधी स्टेडियम से प्रारंभ होकर स्वामी विवेकानंद चौक (ट्रैफिक चौक) तक निकाली गई।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने किया नेतृत्व
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री सह स्थानीय सांसद गिरिराज सिंह ने किया। उनके साथ बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री सह बेगूसराय के प्रभारी मंत्री राम कृपाल यादव, पूर्व खेल मंत्री सुरेंद्र मेहता तथा भाजपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार वर्मा समेत कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि कदम से कदम मिलाकर चले। हजारों की संख्या में ऊर्जावान कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने इस आयोजन को व्यापक जनसमर्थन का प्रमाण बना दिया।
संवैधानिक मर्यादा और कर्तव्य पर जोर
पदयात्रा के दौरान गिरिराज सिंह ने कहा कि लोकतंत्र केवल अधिकारों के बल पर नहीं चलता, बल्कि यह कर्तव्यों, अनुशासन और संवैधानिक मर्यादाओं के सम्मान से मजबूत होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे कानून के शासन और राष्ट्रहित के मूल्यों को सशक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध हों। राम कृपाल यादव ने भी इस बात पर बल दिया कि अराजकता किसी भी सभ्य समाज के लिए घातक है और इससे निपटने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक है।
गांधी स्टेडियम से विवेकानंद चौक तक का सफर
यात्रा का आरंभ ऐतिहासिक गांधी स्टेडियम से हुआ। यहां से नेताओं और कार्यकर्ताओं का काफिला शहर के मुख्य मार्गों से गुजरता हुआ स्वामी विवेकानंद चौक (ट्रैफिक चौक) पर पहुंचकर संपन्न हुआ। पूरे रास्ते कार्यकर्ता हाथों में तख्तियां और बैनर लिए नारे लगाते रहे, जिन पर लोकतंत्र की रक्षा और अराजकता मुक्त समाज के निर्माण का संदेश अंकित था। इस दौरान शहर का माहौल देशभक्ति और संवैधानिक निष्ठा के रंग में रंगा नजर आया।
हजारों कार्यकर्ताओं ने भरी हुंकार
इस लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ पदयात्रा में पार्टी के विभिन्न मोर्चों के पदाधिकारी, पंचायत स्तर के कार्यकर्ता और आम नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए। भीषण गर्मी के बावजूद कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक था। जिलाध्यक्ष राजीव कुमार वर्मा ने बताया कि यह यात्रा किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखने और समाज में अनुशासन स्थापित करने के लिए निकाली गई है।
लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प
कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए नेताओं ने दोहराया कि संविधान ने हमें जो अधिकार दिए हैं, उनके साथ कर्तव्यों का बोध भी अनिवार्य है। अराजकता फैलाने वाले तत्वों से सख्ती से निपटने की बात कही गई। गिरिराज सिंह ने कहा कि हम सभी को मिलकर लोकतंत्र की गरिमा, कानून के शासन और राष्ट्रहित के मूल्यों को सशक्त बनाना होगा। इस अवसर पर एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की गई जिसमें यात्रा के उद्देश्यों को विस्तार से समझाया गया है। अधिक जानकारी के लिए आप पीआईबी की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
आगामी रणनीति पर हुई चर्चा
पदयात्रा के बाद वरिष्ठ नेताओं ने संगठनात्मक बैठक कर आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की। तय किया गया कि यह संदेश गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने बूथों पर संवैधानिक जागरूकता अभियान चलाएं। सुरेंद्र मेहता ने युवाओं से विशेष आग्रह किया कि वे राष्ट्रनिर्माण में अपनी ऊर्जा लगाएं और अराजक तत्वों को पहचान कर सामाजिक बहिष्कार करें।



