चतरा: समाज कल्याण विभाग, चतरा के तत्वावधान में आज कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, मयूरहंड में छात्राओं के लिए साइबर सुरक्षा एवं आत्म सुरक्षा विषय पर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित, सतर्क तथा जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक किया गया ताकि वे डिजिटल दुनिया के जोखिमों से बच सकें।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में साइबर सुरक्षा जागरूकता
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता बनाए रखने, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने, ऑनलाइन धोखाधड़ी, साइबर उत्पीड़न एवं अन्य साइबर अपराधों से बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें स्पष्ट रूप से बताया गया कि किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, पासवर्ड एवं अन्य गोपनीय जानकारियां अनजान व्यक्तियों के साथ साझा न करें।
इसके साथ ही, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान ऑनलाइन गतिविधियों से बचने की सख्त सलाह दी गई। किसी भी साइबर घटना की स्थिति में तुरंत अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित प्राधिकरण से सहायता लेने के लिए भी छात्राओं को प्रेरित किया गया। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर जा सकते हैं।
मानसिक स्वास्थ्य और आत्म सुरक्षा पर चर्चा
कार्यक्रम का संचालन जिला क्षेत्रीय प्रबंधक, समाज कल्याण, चतरा ग्रामीण शंभू बड़ाइक ने किया। उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के सही एवं सकारात्मक उपयोग तथा डिजिटल माध्यमों के जरिए समाज में जागरूकता फैलाने के महत्व पर प्रकाश डाला। वहीं, इटखोरी परियोजना की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी अर्चना सिंह, जिला समन्वयक देविका चटराज, महिला पर्यवेक्षिका कुमारी मंजू, प्राणेश्वरी किस्कू एवं सुनीता कुमारी ने छात्राओं को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराते हुए इस विषय पर विस्तार से चर्चा की।
इस अवसर पर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी इटखोरी, जिला क्षेत्रीय प्रबंधक शंभू बड़ाइक, जिला समाज कल्याण कार्यालय की सहायक कुमारी भारती एवं महिला पर्यवेक्षिका मंजू सिंह, प्राणेश्वरी किस्कू, सुनीता कुमारी सहित विद्यालय की छात्राएं एवं शिक्षकगण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को डिजिटल दुनिया में संभावित जोखिमों के प्रति सचेत करना, उन्हें साइबर अपराधों से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी देना तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था। इसके साथ ही, आत्म सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाकर छात्राओं के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।


