चतरा: झारखंड के चतरा में अफीम तस्करी का एक बड़ा मामला सामने आया है जहां पुलिस ने अंतर्राज्यीय गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया। सदर थाना पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए करीब 11 लाख रुपये मूल्य का अवैध अफीम जब्त कर एक तस्कर को गिरफ्तार किया है।
चतरा में अफीम तस्करी का भंडाफोड़
पुलिस अधीक्षक अनिमेष नैथानी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सन्नी वर्धन के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। टीम ने चतरा-गया मुख्य मार्ग एनएच 22 पर स्थित लरकुआ मोड़ के समीप घेराबंदी की। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक पुलिस को देखकर भागने लगा। सशस्त्र बल के जवानों ने उसे खदेड़ कर पकड़ लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान लावालौंग थाना क्षेत्र के कोलकोले गांव निवासी पवन कुमार के रूप में हुई है।
मौजे में छिपाकर ले जाया जा रहा था अफीम
तलाशी के दौरान पवन कुमार के पास से दो अलग-अलग मौजे (मोजे) में पैक कुल दो किलो 500 ग्राम गीला अफीम बरामद हुआ। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त 3150 रुपये नगद भी जब्त किए गए। एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि गिरफ्तार तस्कर यह खेप पंजाब लेकर जा रहा था। उसे गिरोह के मास्टरमाइंड द्वारा बताया गया था कि पंजाब के किसी खास स्थान पर पहुंचकर अन्य तस्कर उससे माल रिसीव कर लेंगे। तस्करी के दौरान युवक को मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की सख्त मनाही थी ताकि लोकेशन ट्रेस न हो सके।
मास्टरमाइंड ले रहे हैं महिलाओं का सहारा
एसडीपीओ सन्नी वर्धन ने एक सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि अफीम तस्करी और खरीद-बिक्री के अवैध धंधे में संलिप्त बड़े माफिया और मास्टरमाइंड अब तस्करी के लिए महिलाओं का भी सहारा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस अब उनकी इस चाल को पूरी तरह समझ चुकी है। चतरा पुलिस अवैध तस्करी और नशे के काले साम्राज्य को नेस्तनाबूद करने के लिए पूरी तरह तैयार है। लावालौंग थाना क्षेत्र से पूर्व में भी हरियाणा और पंजाब अफीम की खेप भेजे जाने का इतिहास रहा है।
छापामारी दल में ये रहे शामिल
इस सफल अभियान में सदर थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक अनिल उरांव, एसआई राहुल सिंह समेत सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस गिरफ्तार तस्कर से गहन पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। इस कार्रवाई से नशे के अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
झारखंड में नशे के खिलाफ मुहिम तेज
झारखंड पुलिस लगातार नशे के सौदागरों के खिलाफ विशेष अभियान चला रही है। चतरा जिला अफीम की अवैध खेती और तस्करी के लिए कुख्यात रहा है। भौगोलिक बनावट और जंगली इलाके तस्करों के लिए सुरक्षित पनाहगाह साबित होते रहे हैं। हालांकि, हाल के महीनों में पुलिस की सख्ती और खुफिया तंत्र के मजबूत होने से कई बड़ी खेप पकड़ी गई हैं। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए आप अफीम के इतिहास और प्रभाव पर विकिपीडिया का पृष्ठ देख सकते हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्करी के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए अंतर्राज्यीय समन्वय भी बढ़ाया जा रहा है। पंजाब और हरियाणा पुलिस के साथ सूचनाएं साझा की जा रही हैं ताकि सप्लाई चेन को पूरी तरह तोड़ा जा सके। चतरा में अफीम तस्करी के इस ताजा मामले ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पुलिस की पैनी नजर से अपराधी बच नहीं सकते।



