रांची: झारखंड की युवा स्क्वैश खिलाड़ी आद्या बुधिया सीआईएससीई चैंपियन बन गई हैं और उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का मान बढ़ाया है। रायपुर के प्रतिष्ठित राजकुमार कॉलेज में आयोजित 7वीं सीआईएससीई नेशनल गेम्स एंड स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2026-27 में बिशप वेस्टकॉट गर्ल्स स्कूल, नामकुम की इस होनहार छात्रा ने बालिका अंडर-17 व्यक्तिगत वर्ग का स्वर्ण पदक अपने नाम किया है। इस शानदार जीत के साथ ही आद्या ने साबित कर दिया है कि लगन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बल पर छोटे शहरों से निकलकर भी राष्ट्रीय क्षितिज पर चमका जा सकता है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे झारखंड में खुशी की लहर है और खेलप्रेमी उन्हें भविष्य का सितारा बता रहे हैं।
आद्या बुधिया सीआईएससीई चैंपियन बनीं: रायपुर में ऐतिहासिक जीत
7वीं सीआईएससीई नेशनल चैंपियनशिप का आयोजन छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित राजकुमार कॉलेज में किया गया था। इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देशभर के सीआईएससीई बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों के चुनिंदा खिलाड़ियों ने भाग लिया था। झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रहीं आद्या बुधिया ने प्रतियोगिता के पहले दौर से ही अपना दबदबा कायम रखा। क्वार्टर फाइनल और सेमीफाइनल में उन्होंने अपनी प्रतिद्वंद्वियों को सीधे सेटों में पराजित किया। फाइनल मुकाबले में उनका सामना एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी से हुआ, लेकिन आद्या ने बेहतरीन कोर्ट कवरेज, सटीक ड्रॉप शॉट्स और मानसिक मजबूती का परिचय देते हुए 3-1 से जीत दर्ज की। इस जीत के साथ ही उन्होंने अंडर-17 आयु वर्ग का राष्ट्रीय खिताब अपनी झोली में डाल लिया।
आद्या बुधिया रांची के नामकुम स्थित बिशप वेस्टकॉट गर्ल्स स्कूल की छात्रा हैं। विद्यालय प्रबंधन और उनके कोच लंबे समय से उनकी प्रतिभा को तराशने में जुटे थे। स्कूल की प्रधानाचार्य ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि आद्या की यह जीत विद्यालय की खेल संस्कृति और समर्पित प्रशिक्षण कार्यक्रम का परिणाम है। उन्होंने बताया कि आद्या पिछले कई वर्षों से राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में अविजित रही हैं और राष्ट्रीय स्तर पर भी वह लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार कर रही थीं। इस स्वर्ण पदक ने उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के द्वार खोल दिए हैं।
झारखंड स्क्वैश एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने भी इस जीत को राज्य के खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव बताया है। एसोसिएशन के सचिव ने कहा कि आद्या की सफलता से झारखंड में स्क्वैश जैसे खेल को नई पहचान मिलेगी, जिसे अक्सर मेट्रो शहरों का खेल माना जाता रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस जीत से प्रेरित होकर राज्य के अन्य जिलों से भी युवा, खासकर बालिकाएं, स्क्वैश कोर्ट की ओर रुख करेंगी। एसोसिएशन ने आद्या को आगे की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की तैयारी के लिए हर संभव सहायता देने का आश्वासन भी दिया है।
- प्रतियोगिता: 7वीं सीआईएससीई नेशनल गेम्स एंड स्पोर्ट्स चैंपियनशिप 2026-27
- स्थान: राजकुमार कॉलेज, रायपुर, छत्तीसगढ़
- वर्ग: बालिका अंडर-17 व्यक्तिगत स्क्वैश
- परिणाम: स्वर्ण पदक (चैंपियन)
- खिलाड़ी: आद्या बुधिया
- विद्यालय: बिशप वेस्टकॉट गर्ल्स स्कूल, नामकुम, रांची
आद्या के माता-पिता ने बेटी की इस सफलता पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनकी वर्षों की तपस्या का फल है। उन्होंने बताया कि आद्या सुबह-शाम कड़ा अभ्यास करती हैं और पढ़ाई के साथ खेल में संतुलन बनाए रखती हैं। उनके पिता ने झारखंड सरकार और खेल विभाग से मांग की है कि ऐसी प्रतिभाओं को तराशने के लिए विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और वित्तीय सहायता मुहैया कराई जाए, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी तिरंगा लहरा सकें। स्क्वैश एक ऐसा खेल है जो विश्व स्तर पर खेला जाता है और ओलंपिक में शामिल किए जाने के प्रयास जारी हैं।
इस स्वर्णिम सफलता के बाद आद्या बुधिया की निगाहें अब आगामी एशियन जूनियर चैंपियनशिप और वर्ल्ड जूनियर चैंपियनशिप के लिए भारतीय टीम में जगह बनाने पर टिकी हैं। उनके कोच का मानना है कि आद्या में टॉप-10 एशियाई खिलाड़ियों में शामिल होने की पूरी क्षमता है। झारखंड के खेल निदेशालय ने भी आद्या को सम्मानित करने और उनकी आगे की तैयारियों के लिए विशेष अनुदान देने की घोषणा की है। निश्चित तौर पर आद्या बुधिया की यह जीत झारखंड की खेल यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ती है और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।



