टंडवा: कोयला चोरी की बढ़ती शिकायतों और उत्पादन में भारी गिरावट के बीच कोल इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन बी. सांई राम, तकनीकी निदेशक चंद्रशेखर तिवारी और सीसीएल के सीएमडी निलेन्दु सिंह ने आम्रपाली परियोजना का दौरा किया। समीक्षात्मक बैठक में अधिकारियों ने कोयले के उत्पादन और डिस्पैच में आई भारी गिरावट एवं बड़े पैमाने पर हो रहे कोयला चोरी की शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए सख्त रुख अपनाया और परियोजना पदाधिकारी को जोरदार फटकार लगाई।
ग्रामीणों की शिकायतें और आधिकारिक कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार ग्रामीणों ने बड़े पैमाने पर कोयला चोरी होने की कई शिकायतें प्रधानमंत्री कार्यालय, सीवीओ कार्यालय, कोयला मंत्रालय और केंद्रीय जांच एजेंसियों को वीडियो फुटेज व अन्य साक्ष्यों के साथ भेजी थीं। सोशल मीडिया पर भी आमजनों की शिकायतें लगातार वायरल हो रही थीं। आधिकारिक तौर पर उत्पादन तथा डिस्पैच में आई भारी गिरावट से आर्थिक नुकसान भी हो रहा था। सीसीएल महकमा तमाम गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए था।
कोयला चोरी रोकने के लिए सीआईएसएफ की तैनाती
विश्वस्त सूत्रों की मानें तो कोयला चोरी रोकने के लिये संदिग्ध प्वाइंट पर नियंत्रण के लिये सीआईएसएफ बलों की प्रतिनियुक्ति तत्काल करने के निर्देश दिये गये हैं। इस कदम से अवैध खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने की उम्मीद है। साथ ही परियोजना क्षेत्र में किसी भी तरह की अवांछित गतिविधियों पर सख्त विभागीय कार्रवाई की चेतावनी पीओ सत्येन्द्र सिंह को दी गई है।
टेरर फंडिंग और रिश्वतखोरी का साया
परियोजना क्षेत्र पहले से ही टेरर फंडिंग और रिश्वतखोरी के मामलों में केंद्रीय एजेंसियों के हाथों कई गिरफ्तारियों के कारण बदनाम रहा है। नए निर्देशों का उद्देश्य भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों को जड़ से खत्म करना है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उत्पादन बढ़ाने पर जोर
बैठक में उत्पादन और डिस्पैच के लक्ष्य हासिल करने के लिये कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया गया। चेयरमैन ने कहा कि कोयला चोरी रोकने के साथ-साथ उत्पादकता बढ़ाना भी प्राथमिकता है। इसके लिये तकनीकी उपायों और मानव संसाधन के बेहतर उपयोग पर बल दिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम से स्पष्ट है कि कोल इंडिया प्रबंधन कोल इंडिया लिमिटेड की छवि सुधारने और राजस्व हानि रोकने के लिये गंभीर है। आने वाले दिनों में आम्रपाली परियोजना में सुरक्षा और निगरानी तंत्र को और मजबूत किया जायेगा।



