रांची: झारखंड की न्यायपालिका ने तकनीकी आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। न्यायिक कार्यप्रणाली को अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से झारखंड हाईकोर्ट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल शुरू किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सोमवार देर शाम रांची स्थित झारखंड हाईकोर्ट परिसर में करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से तैयार अत्याधुनिक डेटा सेंटर का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने हाईकोर्ट की नई वेबसाइट, मोबाइल ऐप सहित छह महत्वपूर्ण डिजिटल सुविधाओं की भी शुरुआत की।
35 करोड़ की लागत से तैयार हुआ अत्याधुनिक डेटा सेंटर
झारखंड हाईकोर्ट का नया डेटा सेंटर आधुनिक तकनीकी सुविधाओं से लैस है। इसमें हाई-परफॉर्मेंस GPU सर्वर, आधुनिक नेटवर्क सिक्योरिटी, निर्बाध बिजली आपूर्ति, केंद्रीकृत स्टोरेज और बैकअप सिस्टम की व्यवस्था की गई है। इसके माध्यम से केस इंफॉर्मेशन सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक न्यायिक रिकॉर्ड और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग जैसी सेवाओं का संचालन किया जाएगा। साथ ही न्यायालय के महत्वपूर्ण एवं संवेदनशील डिजिटल रिकॉर्ड की सुरक्षा भी मजबूत होगी। अधिक जानकारी के लिए आप सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट देख सकते हैं।
AI से जजों को कानूनी शोध में मिलेगी मदद
नई डिजिटल व्यवस्था के तहत न्यायिक अधिकारियों को ‘सुप्रीम टुडे AI’ सॉफ्टवेयर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसकी मदद से न्यायाधीश पुराने फैसलों, कानूनी नजीरों और महत्वपूर्ण संदर्भों को आसानी से और कम समय में खोज सकेंगे। इससे कानूनी शोध और आदेशों की ड्राफ्टिंग में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है। हालांकि, AI न्यायिक निर्णय का विकल्प नहीं होगा, बल्कि न्यायाधीशों को शोध कार्य में सहायता प्रदान करेगा।
बोलकर तैयार कर सकेंगे आदेश और फैसले
न्यायिक अधिकारियों के लिए ‘ड्रैगन स्पीच रिकग्निशन सॉफ्टवेयर’ भी शुरू किया गया है। इसके जरिए न्यायिक अधिकारी बोलकर आदेश और फैसले तैयार कर सकेंगे। इसकी विशेषता यह है कि यह ऑफलाइन भी काम कर सकता है। इससे न्यायिक दस्तावेजों की गोपनीयता बनाए रखने और संवेदनशील जानकारियों की सुरक्षा में मदद मिलेगी।
अब ऑनलाइन आवेदन से मिलेगी सर्टिफाइड कॉपी
इस डिजिटल पहल का लाभ आम वादियों और अधिवक्ताओं को भी मिलेगा। अब झारखंड के विभिन्न सिविल कोर्ट के आदेशों एवं फैसलों की प्रमाणित प्रति (Certified Copy) प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। इसके लिए 24 घंटे आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे लोगों को प्रमाणित प्रतियों के लिए बार-बार अदालतों और कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप से मिलेगी मुकदमों की जानकारी
हाईकोर्ट की नई वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से वादी अपने मुकदमों की ताजा स्थिति, दैनिक आदेश और कॉज लिस्ट की जानकारी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। अधिवक्ताओं के लिए पर्सनलाइज्ड कॉज लिस्ट की सुविधा भी दी गई है। वे अपने नाम या रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर मामलों की जानकारी हासिल कर सकेंगे।
तकनीक से न्यायिक व्यवस्था होगी और प्रभावी: CJI
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायपालिका के आधुनिकीकरण में आधुनिक तकनीक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस्तेमाल से न्यायिक कार्यप्रणाली को अधिक सुगम और प्रभावी बनाया जा सकता है। इस कार्यक्रम में झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति एमएस सोनक सहित कई न्यायाधीश एवं न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।


