बेगूसराय: मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज बेगूसराय जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया तथा बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन की स्थिति को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
गंगा कटाव का स्थल निरीक्षण
माननीय मुख्यमंत्री सर्वप्रथम नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत कैलाशपुर पहुंचे। वहां उन्होंने गंगा नदी से हो रहे कटाव का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कटाव एवं बाढ़ की वर्तमान स्थिति को समझते हुए प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे प्रशासनिक एवं राहत कार्यों की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि कटाव रोकने के उपाय युद्धस्तर पर किए जाएं।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिए राहत कार्यों के निर्देश
कैलाशपुर के निरीक्षण के बाद आईओसीएल रिफाइनरी टाउनशिप स्थित दिनकर गेस्ट हाउस में बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन को लेकर समीक्षात्मक बैठक हुई। बैठक में माननीय केंद्रीय वस्त्र मंत्री एवं बेगूसराय सांसद श्री गिरिराज सिंह, माननीय सहकारिता मंत्री सह बेगूसराय जिले के प्रभारी मंत्री श्री राम कृपाल यादव, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत, तेघड़ा विधायक श्री रजनीश कुमार, नगर विधायक श्री कुंदन कुमार, बछवाड़ा विधायक श्री सुरेंद्र मेहता, चेरियाबरियारपुर विधायक श्री अभिषेक आनंद, महापौर श्रीमती पिंकी देवी, जिला पदाधिकारी श्री रिची पांडेय, पुलिस अधीक्षक श्री मनीष तथा मुंगेर एवं खगड़िया के जिला पदाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक में प्रमुख अधिकारी रहे मौजूद
बैठक के दौरान माननीय मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में आमजन को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने प्रभावित एवं जरूरतमंद लोगों तक राहत सामग्री, चिकित्सीय सुविधा, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सेवाओं की सुगम एवं त्वरित उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रभावितों के लिए सामुदायिक रसोई और चिकित्सा व्यवस्था
माननीय मुख्यमंत्री ने आवश्यकता के अनुसार सामुदायिक रसोई का संचालन कर बाढ़ प्रभावित एवं जरूरतमंद लोगों को गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासनिक एवं राहत कार्यों को पूरी तत्परता एवं संवेदनशीलता के साथ संचालित करने पर बल दिया। चिकित्सा दलों को अलर्ट मोड पर रखने तथा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया।
लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई पर जोर
मुख्यमंत्री ने बाढ़ की स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए। जलस्तर में वृद्धि की संभावना को देखते हुए निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखी जाए।
- कैलाशपुर में गंगा कटाव का निरीक्षण
- दिनकर गेस्ट हाउस में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
- राहत सामग्री, पेयजल, चिकित्सा सुविधा की त्वरित आपूर्ति
- सामुदायिक रसोई के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण भोजन
- लगातार निगरानी और अंतर-जिला समन्वय
बेगूसराय जिला बिहार के प्रमुख जिलों में से एक है और गंगा नदी के तट पर स्थित होने के कारण प्रति वर्ष बाढ़ की विभीषिका झेलता है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए बेगूसराय जिला – विकिपीडिया देखें। प्रशासन पूरी मुस्तैदी से राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है।



