रांची: झारखंड में बारिश का सिलसिला अभी थमने वाला नहीं है। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि 11 सितंबर तक राज्य के कई जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है। इस दौरान बादल छाए रहेंगे और रुक-रुक कर बौछारें पड़ने के आसार हैं।
झारखंड में बारिश का विस्तृत पूर्वानुमान
मौसम विज्ञान केंद्र रांची के अनुसार, मानसून की सक्रियता अभी बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं के कारण राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल गरजने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। 11 सितंबर तक यह स्थिति जारी रहने का अनुमान है। इसके बाद 12 और 14 सितंबर को कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है, लेकिन इसकी तीव्रता कम रहेगी।
अगले दो दिनों तक तापमान स्थिर
मौसम विभाग ने बताया कि अगले 48 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं होगा। दिन का तापमान सामान्य के आसपास बना रहेगा। हालांकि, बादल छाए रहने से उमस बनी रह सकती है। लोगों को सलाह दी जाती है कि वे घर से निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखें।
तीन दिनों में 3 से 4 डिग्री गिर सकता है पारा
12 सितंबर के बाद मौसम में बदलाव के संकेत हैं। उत्तर-पश्चिमी हवाओं के चलने से न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आएगी। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि तीन दिनों के अंदर न्यूनतम तापमान 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। इससे सुबह-शाम हल्की ठंडक का अहसास होगा।
कृषि और जनजीवन पर असर
लगातार हो रही बारिश खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। धान की फसल को इस पानी से खास लाभ होगा। हालांकि, निचले इलाकों में जलजमाव की समस्या भी सामने आ रही है। जिला प्रशासन ने नगर निकायों को जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश दिया है।
आम लोगों के लिए सलाह
- बारिश के दौरान बिजली के खंभों और तारों से दूर रहें।
- पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए सतर्क रहें।
- कच्चे मकानों में रहने वाले लोग सुरक्षित स्थान पर जाने की तैयारी रखें।
- वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और फॉग लाइट का प्रयोग करें।
मौसम विभाग की आधिकारिक वेबसाइट mausam.imd.gov.in पर जिलेवार विस्तृत चेतावनी देखी जा सकती है। विभाग स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है और किसी भी गंभीर बदलाव की सूचना तुरंत जारी करेगा।
इस मानसूनी सीजन में झारखंड में अब तक सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। जलाशयों का जलस्तर संतोषजनक है, जो रबी सीजन की सिंचाई के लिए अच्छा संकेत है। किसान भाई मौसम के अनुकूल खेती के कार्य जारी रख सकते हैं।



