खूंटी: खूंटी पेट्रोल पंप फायरिंग की घटना ने शहर में दहशत फैला दी है। बुधवार रात भगत सिंह चौक स्थित पेट्रोल पंप पर बाइक सवार दो नकाबपोश अपराधियों ने गोली चलाई और प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई के नाम का पर्चा छोड़कर फरार हो गए।
घटनाक्रम का पूरा ब्योरा
पुलिस के अनुसार घटना देर रात की है। उस समय पेट्रोल पंप संचालक अमित साहू मौके पर मौजूद नहीं थे। चेहरे पर कपड़ा बांधे दो युवक बाइक से वहां पहुंचे। एक अपराधी ने हवा में गोली चलाई और दोनों पर्चा छोड़कर तोरपा रोड की ओर भाग निकले। फायरिंग की आवाज सुनकर पंप पर मौजूद कर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
खूंटी पेट्रोल पंप फायरिंग के बाद पुलिस अलर्ट
सूचना मिलते ही एसडीपीओ मंगल सिंह जमुदा और सदर थाना प्रभारी अशोक कुमार सिंह सशस्त्र बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल से एक खोखा और कथित पीएलएफआई पर्चा बरामद किया। पर्चा कथित जोनल कमांडर राजेश यादव के नाम का बताया जा रहा है। पुलिस इसकी सत्यता की जांच कर रही है। थाना प्रभारी ने पंप पर एक गोली चलने की पुष्टि की है।
पर्चे में रंगदारी की मांग
बरामद पर्चे में पेट्रोल पंप संचालक अमित साहू से दो दिनों के भीतर 10 लाख रुपये रंगदारी देने की मांग की गई है। रकम नहीं देने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई है। पुलिस पर्चे की फोरेंसिक जांच कराकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि यह वास्तव में पीएलएफआई का है या किसी स्थानीय गिरोह की करतूत।
संचालक को पहले भी मिल चुकी धमकी
पंप संचालक अमित साहू ने पुलिस को बताया कि उन्हें पहले भी दो-तीन बार धमकी मिल चुकी है। कुछ वर्ष पूर्व परवल स्थित उनके घर पर हमला किए जाने की बात भी उन्होंने बताई। पुलिस पुराने मामलों को भी खंगाल रही है ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके।
सीसीटीवी फुटेज से पहचान की कोशिश
पुलिस अब पेट्रोल पंप और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। दोनों अपराधियों की पहचान के लिए फुटेज को अहम माना जा रहा है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर नाकेबंदी बढ़ा दी गई है। खूंटी पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
व्यापारियों में रोष, सुरक्षा की मांग
घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों में रोष व्याप्त है। भगत सिंह चौक व्यवसायी संघ ने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि व्यस्त इलाके में इस तरह की वारदात से कारोबार प्रभावित होता है। उन्होंने रात्री गश्त बढ़ाने और सीसीटीवी नेटवर्क दुरुस्त करने की मांग की है।
पीएलएफआई की सक्रियता पर सवाल
झारखंड में पीएलएफआई लंबे समय से सक्रिय रहा है। संगठन लेवी वसूली के लिए अक्सर ऐसी घटनाओं को अंजाम देता रहा है। हालांकि हाल के वर्षों में पुलिस कार्रवाई से इसकी कमर टूटी है। जानकार मानते हैं कि पर्चे में राजेश यादव का नाम आने से यह असली संगठन का काम हो सकता है, लेकिन पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। पीएलएफआई के बारे में अधिक जानकारी विकिपीडिया पर उपलब्ध है।
फिलहाल पुलिस ने अज्ञात अपराधियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहरवासियों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है। खूंटी पेट्रोल पंप फायरिंग मामले में किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने को कहा गया है।



