पटना: बिहार में बाढ़ की स्थिति बेहद भयावह बनी हुई है। नेपाल से आ रहे पानी और लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राज्य की गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। आपदा प्रबंधन विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 13 जिलों के 79 प्रखंडों की 480 पंचायतों में 34.31 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं।
बिहार में बाढ़ से 13 जिलों में भयावह स्थिति
प्रभावित जिलों में पटना, भोजपुर, सारण, वैशाली, भागलपुर, बेगूसराय, बक्सर, समस्तीपुर, मुंगेर, कटिहार, लखीसराय, खगड़िया और अरवल शामिल हैं। सबसे ज्यादा परेशानी नदी किनारे और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को हो रही है, जो घर छोड़ने को मजबूर हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी घरों में घुस चुका है, फसलें डूब गई हैं और आवागमन पूरी तरह ठप पड़ गया है। कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट चुका है। लोग ऊंचे स्थानों, बांधों और सड़कों पर शरण लिए हुए हैं। पीने के पानी, भोजन और दवाओं की किल्लत से जूझ रहे हैं।
गंगा ने पार किया पुराना उच्चतम स्तर
भागलपुर के सुल्तानगंज में गंगा मंगलवार सुबह 8 बजे 36.80 मीटर पर पहुंच गई, जो 17 अगस्त 2021 के 36.75 मीटर के पुराने रिकॉर्ड से ज्यादा है। यह स्तर खतरे के निशान से काफी ऊपर है। दीघा, गांधीघाट, हाथीदह, कहलगांव और मुंगेर में भी गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। गंडक नदी डुमरियाघाट और हाजीपुर में, कोसी नदी बलतारा और कुरसेला में खतरे के निशान से ऊपर बनी हुई है। बूढ़ी गंडक और बागमती का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के अनुसार अगले 24-48 घंटे में जलस्तर और बढ़ने की आशंका है क्योंकि नेपाल के तराई क्षेत्रों में भारी बारिश जारी है।
राहत-बचाव कार्य युद्धस्तर पर
सरकार और NDRF-SDRF की टीमें लगातार राहत और बचाव में जुटी हैं। राज्य में 432 सामुदायिक किचन चलाए जा रहे हैं, जिनसे अब तक 9.41 लाख से ज्यादा लोगों को भोजन कराया जा चुका है। 14 राहत शिविरों में आश्रय, भोजन और चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। भागलपुर के खरीक में नाव पलटने की घटना में 10 लोगों को SDRF की टीम ने सुरक्षित बचा लिया। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया है और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने का निर्देश दिया है। पशुओं के लिए भी चारे और चिकित्सा की व्यवस्था की जा रही है।
प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
जलस्तर लगातार बढ़ने से लोगों की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रशासन ने सभी संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट जारी कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। जिलाधिकारियों को नावों की पर्याप्त व्यवस्था करने, राहत सामग्री पहुंचाने और बांधों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने बाढ़ जनित बीमारियों से निपटने के लिए मेडिकल टीमें तैनात की हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक नेपाल और बिहार के तराई इलाकों में बारिश जारी रहने का अनुमान है, जिससे नदियों का जलस्तर और बढ़ सकता है। गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित है, मोबाइल नेटवर्क काम नहीं कर रहे हैं। राहत कार्य में लगी टीमों को दूरदराज के गांवों तक पहुंचने में दिक्कत आ रही है। स्थानीय जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन भी राहत कार्य में सहयोग कर रहे हैं। सरकार ने मुआवजे और पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू करने के संकेत दिए हैं।




