धनबाद: धनबाद के उभरते क्रिकेटर कोनैन कुरैशी ने दलीप ट्राफी के फाइनल मुकाबले में शतकीय पारी खेलकर पूर्व क्षेत्र को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई है। उनकी इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर धनबाद क्रिकेट संघ (डीसीए) के पदाधिकारी और स्थानीय खिलाड़ी गदगद हैं। रणधीर वर्मा स्टेडियम स्थित डीसीए कार्यालय में जश्न का माहौल रहा, जहां युवा क्रिकेटरों ने केक काटकर एक-दूसरे का मुंह मीठा कराया।
कोनैन कुरैशी ने पहले ही मैच में रचा इतिहास
डिगवाडीह निवासी कोनैन कुरैशी को दलीप ट्राफी के सेमीफाइनल में पश्चिम क्षेत्र के विरुद्ध पहली बार प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने का मौका मिला। हैरानी की बात यह है कि इस मुकाबले से पहले उन्होंने एक भी रणजी ट्राफी मैच नहीं खेला था। इसके बावजूद उन्होंने अपने पदार्पण मैच में ही गेंद और बल्ले दोनों से प्रभावित किया।
फाइनल में नाबाद 116 रन की यादगार पारी
पांच दिवसीय फाइनल मुकाबले में दक्षिण क्षेत्र के विरुद्ध मैदान में उतरे कोनैन ने दूसरी पारी में अविजित रहते हुए 116 रन बनाए। यह उनके प्रथम श्रेणी करियर का पहला शतक है। पहली पारी में भी उन्होंने उपयोगी 40 रन जोड़े थे और गेंदबाजी में दो महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए, जिसमें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा का विकेट भी शामिल रहा। उनके इस हरफनमौला प्रदर्शन की बदौलत इशान किशन की कप्तानी में पूर्व क्षेत्र ने दलीप ट्राफी का खिताब अपने नाम कर लिया।
डीसीए पदाधिकारियों ने दी बधाई
इस अवसर पर डीसीए के महासचिव विनय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह व जावेद खान, जेएससीए के कार्यकारिणी सदस्य उत्तम विश्वास, अरविंद महता, सुनील कुमार, संजीव राणा, अशीत सहाय, रियाज खान, नायब अली, राजेश, मो. शाकिब, कुंदन कुमार समेत अनेक पदाधिकारी एवं खिलाड़ी उपस्थित थे। सभी ने कोनैन कुरैशी की इस उपलब्धि को धनबाद क्रिकेट के लिए गौरव का क्षण बताया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
विनय कुमार सिंह ने कहा, “कोनैन ने बगैर रणजी खेले सीधे दलीप ट्राफी फाइनल में शतक लगाकर साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी परिचय की मोहताज नहीं होती। यह धनबाद ही नहीं, पूरे झारखंड क्रिकेट के लिए प्रेरणादायक है।”
घरेलू क्रिकेट का नया सितारा
कोनैन की इस पारी ने घरेलू क्रिकेट में नई चर्चा शुरू कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि दबाव भरे फाइनल में नाबाद शतक लगाना किसी भी युवा बल्लेबाज के मानसिक मजबूती का परिचायक है। तिलक वर्मा जैसे अंतरराष्ट्रीय बल्लेबाज को आउट करना उनकी गेंदबाजी क्षमता को भी दर्शाता है। दलीप ट्राफी के मौजूदा सत्र में पूर्व क्षेत्र की खिताबी जीत में कोनैन का योगदान लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
स्थानीय कोचों का कहना है कि कोनैन की सफलता धनबाद के उन तमाम युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा बनेगी जो सीमित संसाधनों के बीच अपने सपने संजोते हैं। डीसीए अब उनकी इस प्रतिभा को आगे निखारने के लिए हरसंभव सहयोग का भरोसा दे रहा है।



