चतरा: चतरा में एसीबी की कार्रवाई मंगलवार को बड़ी सफलता लेकर आई जब भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो (एसीबी) हजारीबाग की टीम ने सदर प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित कर्मचारी भवन में छापेमारी करते हुए एक राजस्व कर्मचारी को कथित रूप से घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कर्मचारी की पहचान सतीश प्रसाद के रूप में हुई है। इस कार्रवाई से प्रखंड कार्यालय परिसर में हड़कंप मच गया है।
चतरा में एसीबी की कार्रवाई का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के अनुसार, राजस्व संबंधी कार्य के एवज में कर्मचारी द्वारा कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई थी। शिकायत मिलने के बाद एसीबी हजारीबाग की टीम ने मामले का सत्यापन किया और मंगलवार को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई को अंजाम दिया। इसी दौरान कर्मचारी को कथित रूप से घूस लेते रंगे हाथ दबोचा गया। गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम प्रखंड परिसर स्थित आरोपी कर्मचारी के कार्यालय में दस्तावेजों की जांच कर रही है। टीम द्वारा कार्यालय में मौजूद दस्तावेजों, संबंधित अभिलेखों और अन्य कागजातों को खंगाला जा रहा है।
शिकायत से गिरफ्तारी तक की प्रक्रिया
एसीबी की कार्यप्रणाली के तहत किसी भी शिकायत पर कार्रवाई से पहले उसका गहन सत्यापन किया जाता है। इस मामले में भी शिकायतकर्ता की शिकायत की पुष्टि होने के बाद ही टीम ने जाल बिछाया। मंगलवार को जैसे ही आरोपी कर्मचारी ने रिश्वत की रकम ली, पहले से तैनात एसीबी के अधिकारियों ने उसे तुरंत दबोच लिया। इस पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती गई है ताकि कानूनी प्रक्रिया में कोई अड़चन न आए।
कार्यालय में दस्तावेजों की सघन जांच जारी
गिरफ्तारी के बाद एसीबी टीम का फोकस अब कार्यालय के रिकॉर्ड पर है। सूत्रों के अनुसार, टीम राजस्व संबंधी फाइलों, म्यूटेशन के कागजात, जमाबंदी पंजी और अन्य राजस्व अभिलेखों को बारीकी से देख रही है। इसका मकसद यह पता लगाना है कि क्या आरोपी कर्मचारी ने पूर्व में भी इसी तरह अवैध वसूली की है। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह साफ हो पाएगी।
रिश्वत की रकम और काम का खुलासा बाकी
हालांकि, रिश्वत की रकम कितनी थी और किस काम के एवज में इसकी मांग की गई थी, इसकी आधिकारिक पुष्टि एसीबी की विस्तृत कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। एसीबी के अधिकारी फिलहाल इस मामले में कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। उनका कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
भ्रष्टाचार के विरुद्ध लगातार अभियान
झारखंड में भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो लगातार भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों पर शिकंजा कस रहा है। बीते कुछ महीनों में एसीबी ने कई बड़े अधिकारियों को भी घूस लेते पकड़ा है। इस कार्रवाई को भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। स्थानीय लोगों ने एसीबी की इस कार्रवाई की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। भ्रष्टाचार निवारण ब्यूरो की सक्रियता से सरकारी दफ्तरों में भय का माहौल है।
प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचल अधिकारी ने इस घटना पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं की है। माना जा रहा है कि एसीबी की रिपोर्ट आने के बाद विभागीय स्तर पर भी आरोपी कर्मचारी के विरुद्ध निलंबन या विभागीय कार्यवाही शुरू की जा सकती है। फिलहाल एसीबी टीम अपनी कार्रवाई में लगी हुई है और शाम तक विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।



