रांची: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बुधवार को रांची जिले के सात विधानसभा क्षेत्रों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चल रही दावा-आपत्ति एवं सुनवाई की प्रक्रिया की विस्तृत समीक्षा की। निर्वाचन सदन सभागार में आयोजित इस समीक्षा-सह-शंका निवारण सत्र में हटिया, कांके, रांची, मांडर, खिजरी, तमाड़ एवं सिल्ली विधानसभा क्षेत्र के सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ईआरओ) एवं सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ) उपस्थित रहे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए मतदाता सुविधा के सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने संबंधित अधिकारियों से एसआईआर के तहत प्राप्त दावा-आपत्तियों की सुनवाई एवं दस्तावेज सत्यापन की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि पूरी प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों एवं समय-सीमा के भीतर निष्पक्षता के साथ पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे तथा कोई अपात्र अथवा विदेशी नागरिक सूची में शामिल न हो सके।
टोकन सिस्टम और प्राथमिकता श्रेणी पर जोर
बैठक में मतदाताओं की सहूलियत के लिए टोकन सिस्टम को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्देश दिया गया। विशेष रूप से वृद्ध एवं दिव्यांग मतदाताओं, गर्भवती महिलाओं तथा छोटे बच्चों के साथ आने वाली महिला मतदाताओं को सुनवाई के दौरान प्राथमिकता देने को कहा गया। जनजातीय समूह के मतदाताओं के दस्तावेज संबंधी सुनवाई में विशेष ध्यान रखते हुए उनके सरकारी कार्यालयों में पहले से उपलब्ध अभिलेखों का इस्तेमाल कर हर संभव सहयोग करने का निर्देश दिया गया।
दस्तावेज जांच में एकरूपता और निष्पक्षता अनिवार्य
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दस्तावेजों की जांच के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने उपस्थित अधिकारियों की शंकाओं का समाधान करते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक दावा एवं आपत्ति का नियमानुसार परीक्षण किया जाए। सुनवाई एवं दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में एकरूपता सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया ताकि किसी भी स्तर पर भेदभाव या अनियमितता की गुंजाइश न रहे।
कम फॉर्म-6 वाले मतदान केंद्रों पर विशेष फोकस
श्री के. रवि कुमार ने जिले में वैसे मतदान केंद्रों पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया जहां शून्य अथवा 1 से 5 की संख्या में फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस हेतु युवा पात्र भारतीय नागरिकों को प्रेरित करते हुए उन्हें मतदाता सूची में जोड़ने का हर संभव प्रयास किया जाए। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके सभी युवा मतदाता सूची में पंजीकृत हों।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति
इस अवसर पर जिला निर्वाचन पदाधिकारी रांची श्री मंजूनाथ भजंत्री, अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, राज्य ट्रेनिंग नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी श्री धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुनील कुमार सिंह सहित सभी संबंधित ईआरओ एवं एईआरओ उपस्थित रहे। आगामी दिनों में सुनवाई की प्रक्रिया और तेज की जाएगी ताकि तय समय-सीमा में सभी दावा-आपत्तियों का निष्पादन हो सके।
निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं अद्यतन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिक जानकारी के लिए भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है।



