आगर मालवा: मध्य प्रदेश के आगर मालवा कार हादसा में शुक्रवार देर रात बड़ा हादसा हो गया। नलखेड़ा स्थित प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पास बरसाती नाले के तेज बहाव में श्रद्धालुओं से भरी कार बह गई। इस दर्दनाक घटना में ओडिशा के 7 श्रद्धालुओं और कार चालक समेत कुल 8 लोगों की मौत हो गई। मृतकों में तीन बच्चे, दो महिलाएं और तीन पुरुष शामिल हैं।
आगर मालवा कार हादसा: कैसे हुआ हादसा
पुलिस अधीक्षक दिलीप कुमार सोनी ने शनिवार को बताया कि घटना रात करीब 1:30 बजे की है। उस समय इलाके में तेज बारिश हो रही थी। ओडिशा के रहने वाले 7 श्रद्धालु मां बगलामुखी के दर्शन के लिए आए थे। उन्होंने उज्जैन से कार किराए पर ली थी। शुक्रवार को दर्शन के बाद लौटते समय मंदिर के पास पुलिया पर नाले का पानी तेज बहाव में था। अंधेरे और बारिश के कारण चालक पानी की गहराई और बहाव का अंदाजा नहीं लगा सका और कार नाले में बह गई।
तेज बहाव में कार पुलिया से करीब 100 मीटर दूर तक बह गई। पानी के दबाव से कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। अंदर बैठे लोगों को निकलने का मौका तक नहीं मिला।
रेस्क्यू ऑपरेशन और शवों की बरामदगी
सूचना मिलते ही प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने रस्सी बांधकर कार को नाले से बाहर खींचने में मदद की। कड़ी मशक्कत के बाद कार को बाहर निकाला गया। इसके बाद कार में फंसे सभी 8 शवों को निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। मौके पर कलेक्टर शेर सिंह मीणा, एसपी दिलीप कुमार सोनी समेत पूरा प्रशासनिक अमला मौजूद रहा।
मृतकों की पहचान
पुलिस के अनुसार, कार चालक की पहचान अरुण गोयल के रूप में हुई है। वह आगर मालवा जिले के बड़ौद तहसील के सुदवास गांव का निवासी था। बाकी 7 मृतक ओडिशा के रहने वाले श्रद्धालु थे। पुलिस उनकी पहचान की प्रक्रिया में जुटी है। सभी शवों का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंपने की तैयारी है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश, चक्काजाम
हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश फूट पड़ा। लोगों ने अंबेडकर चौराहे पर चक्काजाम कर दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का आरोप है कि बरसाती नाले पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। न तो रेलिंग लगी है और न ही चेतावनी बोर्ड। बारिश में यहां अक्सर हादसे का खतरा बना रहता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि व्यवस्थाओं में सुधार किया जाएगा।
जांच जारी, सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे
पुलिस अधीक्षक सोनी ने बताया कि कार उज्जैन पासिंग थी। कार के आने-जाने और उससे जुड़े अन्य पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है। मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर माना जा रहा है कि बारिश के कारण नाले में पानी का बहाव बढ़ने से हादसा हुआ। पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है।
मां बगलामुखी मंदिर: आस्था का बड़ा केंद्र
नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर देश के प्रसिद्ध शक्तिपीठों में से एक है। यहां देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। विशेष रूप से नवरात्रि और गुप्त नवरात्रि में भारी भीड़ रहती है। ओडिशा, बंगाल, असम समेत पूर्वी राज्यों से बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं। मां बगलामुखी को तंत्र साधना की देवी माना जाता है।
प्रशासन ने की व्यवस्था सुधार की बात
हादसे के बाद कलेक्टर शेर सिंह मीणा ने कहा कि नाले पर सुरक्षा इंतजाम नहीं होने की बात सामने आई है। यहां रेलिंग, संकेतक बोर्ड और प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी। साथ ही बारिश के मौसम में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए जाएंगे। दोषियों पर कार्रवाई भी होगी।
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर बरसात में नदी-नालों को पार करने के खतरे को उजागर किया है। प्रशासनिक लापरवाही और जागरूकता की कमी ने 8 जिंदगियां छीन लीं। मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रशासन से मांग है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।



