बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले में कुट्टी काटने के दौरान करंट लगने से मौत का दर्दनाक मामला सामने आया है। चेरिया बरियारपुर थाना क्षेत्र के बसही पंचायत अंतर्गत सकरौली वार्ड संख्या-3, चाराकल में सोमवार को कुट्टी काटने का काम कर रहे 40 वर्षीय मजदूर नवीन चौधरी की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है, वहीं पूरे गांव में मातम का माहौल व्याप्त है।
कुट्टी काटने के दौरान करंट लगने से मौत: कैसे हुआ हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नवीन चौधरी रोज की तरह मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सोमवार को भी वे कुट्टी काटने की मशीन पर काम कर रहे थे। इसी दौरान मशीन में अचानक करंट प्रवाहित होने लगा और वे उसकी चपेट में आ गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी हालत काफी गंभीर हो चुकी थी। कुछ ही देर में उन्होंने दम तोड़ दिया।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की सूचना मिलते ही परिजन एवं ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। हादसे की जानकारी चेरिया बरियारपुर थाना पुलिस को दी गई। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटना की विस्तृत जानकारी लेते हुए शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बेगूसराय भेज दिया। पुलिस द्वारा घटना के वास्तविक कारणों की भी गहनता से जांच की जा रही है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, आर्थिक संकट गहराया
मृतक नवीन चौधरी अपने पीछे पत्नी और दो छोटे बच्चों को छोड़ गए हैं। नवल किशोर चौधरी की असामयिक मौत से परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो गई है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक ही परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। ऐसे में अब परिवार के भरण-पोषण की चिंता सबको सता रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित सहायता एवं सरकारी प्रावधान के तहत मुआवजा उपलब्ध कराने की पुरजोर मांग की है।
ग्रामीणों ने की मुआवजे की मांग
घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से मांग की है कि मृतक के आश्रितों को अविलंब आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे हादसों को रोकने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा के मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए। कुट्टी काटने की मशीनों की नियमित जांच और अर्थिंग की व्यवस्था अनिवार्य की जानी चाहिए।
बिजली सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में कृषि यंत्रों और मशीनों के संचालन के दौरान बिजली सुरक्षा के नियमों की अनदेखी अक्सर ऐसे हादसों का कारण बनती है। विद्युत सुरक्षा के मानकों का पालन नहीं करने और मशीनों में अर्थिंग की व्यवस्था नहीं होने से करंट लगने की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार और बिजली विभाग को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
थाना प्रभारी ने दिया जांच का आश्वासन
चेरिया बरियारपुर थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि मशीन मालिक और संचालक की भूमिका की भी जांच की जाएगी। यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस हृदयविदारक घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यस्थल सुरक्षा और बिजली सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर किया है। प्रशासन को चाहिए कि पीड़ित परिवार को त्वरित सहायता प्रदान करे और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए।



