गढ़वा: झारखंड के माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने सोमवार को श्री बंशीधर नगर (नगरऊँटारी) पहुँचकर श्री बंशीधर मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की तथा समस्त झारखण्डवासियों के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगलमय जीवन की कामना की। इस अवसर पर राज्यपाल महोदय ने मंदिर परिसर का निरीक्षण भी किया और उपस्थित श्रद्धालुओं से मुलाकात की।
श्री बंशीधर मंदिर का आध्यात्मिक महत्व
पूजा-अर्चना के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राज्यपाल श्री गंगवार ने कहा कि श्री बंशीधर मंदिर श्रद्धा, आस्था एवं आध्यात्मिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह मंदिर केवल धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है। यहां आने वाले भक्तों की आस्था इस स्थान को विशेष बनाती है।
मंदिर विकास पर दिया जोर
राज्यपाल ने जोर देकर कहा कि इस पावन स्थल का समुचित विकास आवश्यक है। उनके अनुसार, सुव्यवस्थित विकास से क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहचान को और सुदृढ़ करने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक पर्यटन स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करता है।
बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की जरूरत
राज्यपाल ने मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार पर बल दिया। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विश्राम स्थल, पार्किंग आदि की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए। साथ ही मंदिर तक पहुँचने के लिए सुगम मार्ग और साइनेज की व्यवस्था भी जरूरी है।
सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण
श्री गंगवार ने मंदिर की प्राचीन वास्तुकला और मूर्तियों के संरक्षण की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक और पुरातात्विक महत्व की वस्तुओं को संरक्षित करना हमारा दायित्व है। इसके लिए पुरातत्व विभाग और स्थानीय प्रशासन को मिलकर कार्ययोजना बनानी चाहिए।
स्थानीय प्रशासन को निर्देश
यात्रा के दौरान राज्यपाल ने गढ़वा जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को मंदिर विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मंदिर समिति और नागरिक समाज की भागीदारी सुनिश्चित की जाए। पारदर्शिता और गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूरे हों, यह प्रशासन की जिम्मेदारी है।
श्रद्धालुओं में उत्साह
राज्यपाल के आगमन से स्थानीय श्रद्धालुओं और नागरिकों में उत्साह का माहौल रहा। बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में एकत्र हुए और राज्यपाल का अभिवादन किया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि राज्यपाल की इस यात्रा से मंदिर के विकास की उम्मीद जगी है। स्थानीय निवासी रामकुमार सिंह ने कहा, “वर्षों से हम मंदिर के विकास की बाट जोह रहे हैं। राज्यपाल महोदय के आश्वासन से नई आशा जगी है।”
धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं
झारखंड में धार्मिक पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। देवघर का बैद्यनाथ धाम, रजरप्पा का छिन्नमस्तिका मंदिर, पारसनाथ जैन तीर्थ जैसे प्रमुख स्थल पहले से प्रसिद्ध हैं। श्री बंशीधर मंदिर को विकसित कर इस सूची में एक और महत्वपूर्ण नाम जोड़ा जा सकता है। राज्य सरकार की “पर्यटन नीति 2021” में भी धार्मिक सर्किट विकसित करने का प्रावधान है।
भविष्य की योजनाएं
सूत्रों के अनुसार, मंदिर विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने हेतु सलाहकार एजेंसी की नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। इसमें मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, यात्री निवास, ध्यान केंद्र, प्रसाद काउंटर, सांस्कृतिक मंच आदि का निर्माण शामिल हो सकता है। साथ ही मंदिर के इतिहास और महात्म्य को दर्शाने वाला एक संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव भी विचाराधीन है।
राज्यपाल की इस यात्रा को झारखंड के धार्मिक स्थलों के विकास के प्रति राजभवन की गंभीरता के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में राज्य के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए भी इसी तरह की पहल होगी।
(यह समाचार आधिकारिक विज्ञप्ति और स्थानीय सूत्रों पर आधारित है।)



