जमशेदपुर: जिले के बर्मामाइंस दुर्गा पूजा मैदान में लगे मेले के दौरान मौत के कुएं में हादसा हो गया। स्टंट के दौरान अचानक बाइक में आग लग गई, जिसकी चपेट में बाइक चला रही युवती भी आ गई और वह झुलस गई।
मेले में मौत के कुएं में हादसा: कैसे हुआ घटनाक्रम
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बर्मामाइंस स्थित दुर्गा पूजा मैदान में चल रहे मेले में मौत का कुआं आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। रविवार शाम को स्टंट शो के दौरान एक युवती बाइक से करतब दिखा रही थी। तभी अचानक बाइक के इंजन या साइलेंसर से निकली चिंगारी ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते लपटों ने बाइक को पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया।
युवती जब तक कुछ समझ पाती, आग उसके कपड़ों और बालों तक पहुंच गई। कुएं के अंदर धुआं भर गया और अफरा-तफरी मच गई। मेले में मौजूद सैकड़ों दर्शक सहम गए। कई लोग जान बचाकर भागने लगे।
स्टंटकर्मियों की तत्परता से बची जान
मौके पर मौजूद अन्य स्टंटकर्मियों ने सूझबूझ दिखाई। उन्होंने बिना देरी किए युवती के बालों और कपड़ों में लगी आग को कंबल और मिट्टी डालकर बुझाया। उनकी त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। घायल युवती को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के मुताबिक, युवती के चेहरे और हाथों पर मामूली जलन है, लेकिन खतरे से बाहर है।
सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल
इस घटना ने मेले में आयोजित होने वाले ऐसे जोखिम भरे करतबों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारों का कहना है कि मौत के कुएं जैसे स्टंट के लिए अग्निशमन यंत्र, रेत की बाल्टियां और प्रशिक्षित सुरक्षाकर्मियों का होना अनिवार्य है। लेकिन मेले में इनका अभाव दिखा।
स्थानीय निवासी रमेश कुमार ने कहा, “हर साल मेला लगता है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति होती है। प्रशासन को ऐसे आयोजनों की सख्त निगरानी करनी चाहिए।” वहीं, मेला आयोजन समिति के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र लिया गया था, लेकिन मौके पर उपकरण नहीं थे।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
घटना की सूचना मिलते ही बर्मामाइंस थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आयोजकों से सुरक्षा इंतजामों का ब्योरा मांगा है। उपायुक्त कार्यालय की ओर से कहा गया है कि घटना की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर आयोजकों और स्टंट संचालकों पर कार्रवाई होगी।
झारखंड सरकार के श्रम विभाग की गाइडलाइंस के अनुसार, ऐसे खतरनाक प्रदर्शनों के लिए लाइसेंस अनिवार्य है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी सार्वजनिक आयोजनों में अग्नि सुरक्षा के मानक तय करता है।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
यह कोई पहला मामला नहीं है। बीते सालों में भी झारखंड के विभिन्न मेलों में मौत के कुएं में स्टंट के दौरान हादसे हुए हैं। 2022 में रांची के एक मेले में इसी तरह बाइक फिसलने से दो स्टंटमैन घायल हुए थे। 2021 में धनबाद में आग लगने की घटना हुई थी। इसके बावजूद सबक नहीं लिया जा रहा।
सामाजिक कार्यकर्ता सुधा सिंह कहती हैं, “मनोरंजन के नाम पर युवाओं की जिंदगी दांव पर लगाना गलत है। सरकार को ऐसे स्टंट पर प्रतिबंध लगाना चाहिए या फिर कड़े सुरक्षा मानक लागू करने चाहिए।”
युवती की हालत स्थिर, परिजन चिंतित
घायल युवती की पहचान 22 वर्षीय प्रिया कुमारी (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई है। वह पेशेवर स्टंट आर्टिस्ट है और पिछले तीन साल से इस काम से जुड़ी है। उसके परिजन अस्पताल पहुंच चुके हैं। उन्होंने आयोजकों पर लापरवाही का आरोप लगाया है। प्रिया के भाई ने कहा, “बहन को सुरक्षा उपकरण तक नहीं दिए गए थे। हेलमेट भी घटिया क्वालिटी का था।”
पुलिस ने युवती का बयान दर्ज कर लिया है। आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर होगी। फिलहाल मेले में मौत के कुएं का शो रोक दिया गया है।



