बेगूसराय: बेगूसराय में पुलिस छापेमारी में डूबकर मौत का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है जहां डंडारी थाना क्षेत्र के राजोपुर गांव में अवैध शराब तस्करों की तलाश में पहुंची पुलिस टीम को देखकर 30 वर्षीय धीरेंद्र यादव उर्फ धारो यादव ने बूढ़ी गंडक नदी में छलांग लगा दी और गहरे पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई। घटना रविवार शाम की है जब पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव में शराब तस्कर छिपे हुए हैं।
पुलिस छापेमारी में डूबकर मौत: परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक के परिजनों का आरोप है कि पुलिस को देखते ही धारो यादव घबराकर भागा और पुलिस द्वारा राइफल ताने जाने के डर से उसने पास ही बह रही बूढ़ी गंडक नदी में छलांग लगा दी। परिजनों का कहना है कि नदी में कूदने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे बचाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया और वे तट पर खड़े होकर स्थिति देखते रहे। स्थानीय गोताखोरों की मदद से करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद जब शव को बाहर निकाला गया, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
क्या है पूरा मामला
जानकारी के मुताबिक, रविवार की शाम डंडारी थाना पुलिस को राजोपुर गांव में अवैध शराब तस्करों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसी इनपुट के आधार पर पुलिस दल बल के साथ छापेमारी करने मौके पर पहुंची थी। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मृतक पर पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज थे। हालांकि परिजन इस बात से इनकार करते हैं और कहते हैं कि धारो यादव मजदूरी करके परिवार चलाता था।
परिजनों का आरोप: पुलिस ने नहीं की बचाने की कोशिश
मृतक के भाई ने रोते हुए बताया कि “पुलिस ने मेरे भाई को डराया, उस पर राइफल तानी और जब वह जान बचाने के लिए नदी में कूदा तो किसी पुलिसवाले ने हाथ तक नहीं बढ़ाया। वे सब किनारे खड़े तमाशा देखते रहे।” परिजनों का यह भी आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते स्थानीय गोताखोरों को बुलाती या खुद रेस्क्यू ऑपरेशन चलाती तो धारो की जान बच सकती थी।
पुलिस का दावा: मृतक पर थे आपराधिक मामले
वहीं डंडारी थानाध्यक्ष ने मीडिया को बताया कि मृतक धीरेंद्र यादव उर्फ धारो यादव के खिलाफ पूर्व से कई मामले दर्ज हैं। वह शराब तस्करी में भी संलिप्त था। पुलिस टीम जब छापेमारी करने गई तो वह भागने लगा और खुद नदी में कूद गया। पुलिस ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण सफलता नहीं मिली। थानाध्यक्ष ने कहा कि “मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।”
ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन: सड़क जाम कर मांगा न्याय
घटना से आक्रोशित परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने कटरमाला बांध स्थित मुख्य सड़क पर शव को रखकर जाम कर दिया और जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पुलिस समय रहते युवक को बचाने का प्रयास करती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी। प्रदर्शनकारी दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और मृतक के परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। सड़क जाम से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।
पुलिस प्रशासन कर रहा स्थिति नियंत्रित करने का प्रयास
फिलहाल, पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित करने और लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास कर रहा है। वरीय अधिकारियों ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। बिहार पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस घटना की जानकारी उपलब्ध है बिहार पुलिस।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है। घटना ने एक बार फिर पुलिस कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।



