रांची: सामाजिक संगठन भारतीय एकता कमेटी ने ईद मिलादुन्नबी के पावन अवसर पर जरूरतमंद लोगों को व्हीलचेयर और वाकर वितरित किए।
हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के यौमे पैदाइश के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में संस्था के संस्थापक अध्यक्ष गुलाम मुस्तफा ने कहा कि मानवता और इंसानियत से बड़ा कोई धर्म नहीं होता। हम सभी को इंसानियत को बनाए रखना ही सबसे बड़ा कर्तव्य है। बहुत दिनों से इन लोगों को व्हीलचेयर और वाकर देने का वादा किया गया था, जो आज पूरा हुआ। जरूरतमंदों को मिठाई खाने के लिए नकद राशि भी प्रदान की गई।
भारतीय एकता कमेटी का 34 वर्षों का सेवा सफर
कार्यक्रम में संस्था के मुख्य सचिव रामेश्वर राम और बुलंद अख्तर ने बताया कि भारतीय एकता कमेटी पिछले 34 वर्षों से लगातार समाजसेवा के क्षेत्र में कार्यरत है। यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उन्होंने झारखंड सरकार और आम नागरिकों से अपील की कि संस्था को हर संभव सहयोग प्रदान करें, ताकि नेक कार्य निर्बाध चलते रहें। “नेकी कर दरिया में डाल” की भावना से किया गया हर कार्य फलदायी होता है।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति
- मुख्य सचिव रामेश्वर राम
- बुलंद अख्तर
- मनोहर लाल विजयवर्गीय
- मोहम्मद सितारे भाई
- मोहम्मद तौकीर पप्पू
- मोहम्मद यूनुस
- मोहम्मद सज्जाद
गुलाम मुस्तफा ने अपने संबोधन में जोर देकर कहा कि ईद मिलादुन्नबी का असल पैगाम मानवता की सेवा है। ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर इस प्रकार के आयोजन से समाज में भाईचारे और सहयोग का संदेश जाता है। संस्था द्वारा वितरित व्हीलचेयर और वाकर उन दिव्यांग जनों के लिए जीवनरेखा साबित होंगे जो आर्थिक तंगी के कारण इन्हें खरीदने में असमर्थ थे।
कार्यक्रम के दौरान माहौल भावुक रहा जब लाभार्थियों ने संस्था का आभार व्यक्त किया। एक लाभार्थी ने कहा, “इस व्हीलचेयर ने मेरी जिंदगी बदल दी, अब मैं खुद से चल-फिर सकूंगा।” संस्था के सदस्यों ने भविष्य में भी ऐसे आयोजन जारी रखने का संकल्प दोहराया।
झारखंड की राजधानी रांची में सक्रिय भारतीय एकता कमेटी ने समय-समय पर रक्तदान शिविर, नि:शुल्क चिकित्सा जांच, गरीब बच्चों की शिक्षा सहायता जैसे कार्य किए हैं। संस्था की यह पहल समाज के अन्य संगठनों के लिए प्रेरणास्रोत है। स्थानीय प्रशासन ने भी संस्था के कार्यों की सराहना की है।
अंत में गुलाम मुस्तफा ने सभी उपस्थितजनों और सहयोगियों का धन्यवाद करते हुए कहा कि इंसानियत की खिदमत ही खुदा की सच्ची इबादत है। हम सब मिलकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक मदद पहुंचाने का प्रयास जारी रखेंगे।



