नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने स्कूल ठीक करो अभियान को लेकर एक बेबाक बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह जेल जाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और अमेरिका से इसी मानसिक तैयारी के साथ भारत लौटे हैं कि उन्हें गिरफ्तार किया जा सकता है। दीपके महाराष्ट्र, राजस्थान और दिल्ली जैसे राज्यों में सरकारी स्कूलों की बदहाली उजागर करने का अभियान चला रहे हैं।
स्कूल ठीक करो अभियान और जेल जाने की तैयारी
अभिजीत दीपके ने एक चर्चा के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा, “करें एफआईआर, भेज दो जेल। मैं तो अमेरिका से यह सोचकर आया था कि जेल जा रहा हूं। मैं तो मानसिक रूप से तैयार हूं।” उन्होंने आगे कहा कि जब तक वह बाहर हैं, उन्हें लगता है कि यह समय उन्हें लीज पर मिला हुआ है। दीपके के खिलाफ कई राज्यों में एफआईआर दर्ज हुई हैं, लेकिन उनका कहना है कि इससे उनके अभियान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सीजेपी नेता ने कहा, “इनको हमारे ऊपर जितनी एफआईआर करनी है करने दो, मुझे कोई चिंता नहीं है। जेल भेजेंगे चला जाऊंगा।” उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब स्कूलों में उनकी एंट्री पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किए जा रहे हैं।
स्कूलों में एंट्री बैन को बताया डेड बॉडी छिपाने जैसा
अभिजीत दीपके ने स्कूलों में प्रवेश प्रतिबंधित करने के आदेशों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने इसकी तुलना डेड बॉडी छिपाने जैसी हरकत से करते हुए कहा, “यह क्या बात हुई कि हम स्कूल में जा रहे हैं, जहां हम गंदे टॉयलेट दिखा रहे हैं, वह नहीं दिखा सकते। जहां हम बेंच नहीं हैं, उसकी फोटो नहीं डाल सकते। जहां शिक्षक नहीं हैं, उसका वीडियो नहीं डाल सकते। आप नहीं चाहते कि सच बाहर आए, किस बात का शर्म है आपको।”
दीपके का तर्क है कि अगर स्कूलों में व्यवस्था ठीक है तो प्रशासन को डर कैसा। उन्होंने कहा कि उनका अभियान किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि बदहाल शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ है। वे जहां भी गंदगी, टूटी बेंच, शिक्षकों की कमी देखते हैं, उसे सोशल मीडिया के जरिए सामने लाते हैं।
पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना भी जाएंगे
जब उनसे पूछा गया कि वे भाजपा शासित राज्यों में अभियान चला रहे हैं, लेकिन पंजाब (आम आदमी पार्टी शासित) में क्यों नहीं जा रहे, तो दीपके ने स्पष्ट किया कि वे पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना जैसे राज्यों में भी जाएंगे। उन्होंने कहा, “पंजाब भी जाएंगे हम। पंजाब, कर्नाटक और तेलंगाना सब जगह जाएंगे। लेकिन पहले हम अपने राज्य और अपने आसपास के क्षेत्र में अभियान चला रहे हैं, जहां हम रहते हैं।”
यह बयान राजनीतिक आरोपों का जवाब माना जा रहा है कि सीजेपी चुनिंदा राज्यों को निशाना बना रही है। दीपके ने साफ किया कि उनका अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में चलेगा।
अभिजीत दीपके और कॉकरोच जनता पार्टी का परिचय
अभिजीत दीपके पेशे से इंजीनियर रहे हैं और लंबे समय तक अमेरिका में काम करने के बाद भारत लौटे। उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का गठन किया। पार्टी का नाम असामान्य जरूर है, लेकिन दीपके कहते हैं कि कॉकरोच विषम परिस्थितियों में भी जीवित रहता है, यही उनकी पार्टी का प्रतीक है।
सीजेपी कोई चुनावी पार्टी नहीं है, बल्कि एक नागरिक आंदोलन है जो सूचना के अधिकार (आरटीआई), जन सुनवाई और सोशल मीडिया के जरिए सरकारी स्कूलों, अस्पतालों और दफ्तरों की हालत उजागर करता है। स्कूल ठीक करो अभियान उनका पहला बड़ा राष्ट्रीय अभियान है।
सरकारों की प्रतिक्रिया और आगे की राह
कई राज्यों में प्रशासन ने दीपके और उनकी टीम के खिलाफ सरकारी काम में बाधा, जबरन प्रवेश और सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैलाने जैसे आरोपों में एफआईआर दर्ज कराई है। दिल्ली और राजस्थान में कुछ स्कूलों ने उनके प्रवेश पर रोक लगाने के लिए नोटिस भी जारी किए हैं।
हालांकि, दीपके इन कार्रवाइयों से बेपरवाह दिखते हैं। उनका कहना है कि हर एफआईआर उनके अभियान को और मजबूती देती है। उन्होंने ऐलान किया है कि आने वाले महीनों में वे उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी स्कूल ठीक करो अभियान चलाएंगे।
शिक्षा अधिकार कार्यकर्ताओं का एक वर्ग दीपके के तरीकों का समर्थन करता है, तो कुछ का मानना है कि स्कूलों में बिना अनुमति घुसकर वीडियो बनाना उचित नहीं है। बहरहाल, इस अभियान ने सरकारी स्कूलों की दशा पर एक बार फिर राष्ट्रीय बहस छेड़ दी है।
अस्वीकरण: यह खबर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और अभिजीत दीपके के सार्वजनिक बयानों पर आधारित है।



