रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में आईआईटी मण्डी के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा ने मुलाकात की। इस दौरान प्रोफेसर बेहरा ने मुख्यमंत्री को आगामी 4 सितंबर 2026 को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कटहल मोड़, रांची में आयोजित होने वाले “श्री कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव” में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया।
हेमन्त सोरेन ने स्किल डेवलपमेंट पर दिया जोर
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री और आईआईटी मण्डी निदेशक के बीच राज्य में युवाओं के स्किल डेवलपमेंट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), रोबोटिक्स एवं आधुनिक तकनीक की उपयोगिता के माध्यम से आर्थिक समृद्धि की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने तकनीकी शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने पर बल देते हुए कहा कि झारखंड के युवाओं को भविष्य की तकनीकों से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है।
तकनीकी शिक्षा से बदलेगी युवाओं की तस्वीर
प्रोफेसर बेहरा ने आईआईटी मण्डी में चल रहे नवाचार कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्थान एआई, मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स के क्षेत्र में शोध के साथ-साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दे रहा है। उन्होंने झारखंड के औद्योगिक परिदृश्य को देखते हुए कस्टमाइज्ड स्किल प्रोग्राम डिजाइन करने का प्रस्ताव रखा। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को सैद्धांतिक सहमति देते हुए संबंधित विभागों को कार्ययोजना बनाने का निर्देश दिया।
- एआई और रोबोटिक्स में प्रशिक्षण के लिए नए केंद्र खोलने पर सहमति।
- ग्रामीण युवाओं को डिजिटल कौशल से जोड़ने के लिए मोबाइल लैब की योजना।
- स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए आईआईटी मण्डी के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) जल्द।
जन्माष्टमी महामहोत्सव के लिए शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने इस्कॉन रांची द्वारा आयोजित श्री कृष्ण जन्माष्टमी महामहोत्सव के लिए अपनी ओर से हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में समरसता और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं। मौके पर इस्कॉन रांची के श्रीमान प्रदीप (पीआर) एवं श्रीमान सुधीर कृष्ण चैतन्य दास उपस्थित थे।
आईआईटी मण्डी की भूमिका अहम
आईआईटी मण्डी हिमाचल प्रदेश में स्थित एक प्रमुख तकनीकी संस्थान है जो नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए जाना जाता है। संस्थान के निदेशक प्रोफेसर लक्ष्मीधर बेहरा स्वयं रोबोटिक्स और एआई के विशेषज्ञ हैं। उनकी इस पहल से झारखंड के तकनीकी परिदृश्य में नई संभावनाएं खुलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार पहले से ही “मुख्यमंत्री सारथी योजना” और “कौशल विकास मिशन” के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित कर रही है। आईआईटी मण्डी के साथ सहयोग से इन कार्यक्रमों को तकनीकी गहराई और उद्योग-संबंधित पाठ्यक्रम मिल सकेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई और रोबोटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में कुशल जनशक्ति तैयार होने से झारखंड औद्योगिक निवेश के लिए अधिक आकर्षक बनेगा।
भविष्य की रूपरेखा
बैठक में तय हुआ कि एक संयुक्त कार्यसमूह गठित किया जाएगा जो तीन माह में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। इस रिपोर्ट में प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना, पाठ्यक्रम संरचना, वित्तीय मॉडल और निगरानी तंत्र शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना जमीन पर जल्द उतरे, इसके लिए सभी बाधाओं को समयबद्ध तरीके से दूर किया जाए।
इस पहल को राज्य के शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग संघों और नागरिक समाज संगठनों ने सराहा है। जानकारों का कहना है कि सरकार-एकेडेमिया-इंडस्ट्री की त्रिपक्षीय साझेदारी ही टिकाऊ कौशल विकास का आधार बन सकती है। आने वाले दिनों में इस दिशा में ठोस कदम दिखने की संभावना है।



