बेगूसराय: जिला पदाधिकारी रिची पांडेय ने बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का व्यापक निरीक्षण कर राहत एवं बचाव कार्यों की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान उन्होंने सामुदायिक किचन, पॉलीथिन वितरण, पशुचारा आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में मिली शिकायतों पर उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए अविलंब सुधार के आदेश दिए।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सामुदायिक किचन का निरीक्षण
सबसे पहले डीएम मटिहानी प्रखंड के बलहपुर-2 पंचायत स्थित राजकीयकृत जीतलाल प्लस टू विद्यालय, नयागांव पहुंचे। वहां संचालित सामुदायिक किचन की पंजी जांची और लाभुकों को मिल रहे भोजन की गुणवत्ता परखी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि निर्धारित मैन्यू के अनुसार ही पौष्टिक और स्वच्छ भोजन परोसा जाए। इसके बाद बलहपुर-1 पंचायत के तीनमुहानी चौक पर चल रहे दूसरे सामुदायिक किचन का भी उन्होंने मुआयना किया। दोनों जगहों पर भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और समयबद्धता बनाए रखने पर जोर दिया गया।
पॉलीथिन और पशुचारा वितरण में शिकायतों पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान पॉलीथिन शीट वितरण में अनियमितता की शिकायतें सामने आईं। जिला पदाधिकारी ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर दोषियों पर कार्रवाई का आदेश दिया। इसी तरह पशुचारा के रूप में वितरित किए जा रहे भूसा की गुणवत्ता को लेकर भी शिकायतें मिलीं। डीएम ने पशुपालन पदाधिकारी को हिदायत दी कि पशुओं को मिलने वाले चारे में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अनियमितता पाए जाने पर सख्त विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
कौआटोल समेत कई प्रखंडों का हाल जाना
इसके बाद जिला पदाधिकारी कौआटोल क्षेत्र पहुंचे। वहां बरौनी प्रखंड के मल्हीपुर दक्षिण पंचायत और तेघड़ा प्रखंड के रातगांव में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के हालात का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से सीधी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। ग्रामीणों ने पेयजल, शौचालय और दवा की उपलब्धता पर चिंता जताई, जिस पर डीएम ने त्वरित निदान का आश्वासन दिया।
पशुओं के लिए समस्तीपुर में वैकल्पिक व्यवस्था
बछवाड़ा प्रखंड के चमथा-3 पंचायत के निरीक्षण के दौरान पता चला कि क्षेत्र में पशुओं की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें सुरक्षित रखने के लिए निकटवर्ती समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय अनुसूचित जाति टोला हरपुर बोचहा के मैदान में रखा गया है। जिला पदाधिकारी ने वहां पशुओं के लिए चारा, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पशुधन की सुरक्षा भी प्रशासन की प्राथमिकता है।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिला पदाधिकारी ने दोहराया कि बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली राहत सामग्री के वितरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सामुदायिक किचन में निर्धारित मैन्यू, भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में शौचालयों की नियमित साफ-सफाई एवं स्वच्छता सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों को 24 घंटे अलर्ट मोड में रहने और फील्ड में सक्रिय रहने का आदेश दिया।
इस अवसर पर जिला स्तरीय कई वरीय पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी एवं अन्य कर्मी मौजूद थे। प्रशासन का दावा है कि राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं और किसी भी पीड़ित परिवार को परेशानी नहीं होने दी जाएगी। बेगूसराय जिला में बाढ़ की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।



