चांगवोन: दक्षिण कोरिया के चांगवोन में आयोजित डब्ल्यूएसपीएस विश्व चैंपियनशिप में भारत की युवा निशानेबाज भक्ति शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 मीटर एयर पिस्टल एसएच-1 स्पर्धा का कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भक्ति शर्मा ने 213.1 अंक हासिल किए और पोडियम पर तीसरा स्थान सुनिश्चित किया।
भक्ति शर्मा ने फाइनल में दिखाया दमखम
फाइनल मुकाबले में पदक के लिए कड़ी टक्कर देखने को मिली। ईरान की नासरीन शाही समाखौन ने भक्ति शर्मा को पीछे छोड़ते हुए 232.5 अंक के साथ रजत पदक पर कब्जा जमाया, जबकि उनकी हमवतन फैजेह अहमदी ने 238.3 अंक के शानदार स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता। भक्ति शर्मा ने क्वालीफिकेशन दौर में छठे स्थान पर रहते हुए फाइनल में प्रवेश किया था, लेकिन फाइनल में उन्होंने बेहतरीन मानसिक मजबूती और तकनीकी दक्षता का परिचय दिया।
क्वालीफिकेशन में कायम किया जूनियर विश्व रिकॉर्ड
इससे पहले क्वालीफिकेशन दौर में भक्ति शर्मा ने 565 अंक का स्कोर बनाकर नया जूनियर विश्व रिकॉर्ड कायम किया। यह उपलब्धि उनके अंतरराष्ट्रीय करियर में मील का पत्थर साबित हो सकती है। वह क्वालीफिकेशन में छठे स्थान पर रहीं, जबकि उनकी हमवतन सृष्टि अरोड़ा 566 अंक के साथ उनसे एक स्थान ऊपर पांचवें पायदान पर रहीं। सृष्टि अरोड़ा ने फाइनल मुकाबले में पांचवां स्थान हासिल किया।
अन्य भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन
भारत की सुमेधा पाठक मामूली अंतर से शीर्ष आठ में जगह बनाने से चूक गईं। उन्होंने 559 अंक हासिल किए और नौवें स्थान पर रहीं। वहीं, 2024 पैरालंपिक की कांस्य पदक विजेता रुबीना फ्रांसिस 554 अंक के साथ 18वें स्थान पर रहीं। रुबीना फ्रांसिस से देश को काफी उम्मीदें थीं, लेकिन चैंपियनशिप के दबाव में वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं दोहरा सकीं।
टीम स्पर्धा में भारत को रजत पदक
व्यक्तिगत स्पर्धाओं के अलावा टीम स्पर्धा में भी भारतीय तिकड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया। सृष्टि अरोड़ा, भक्ति शर्मा और सुमेधा पाठक के तीन सर्वश्रेष्ठ स्कोर के संयुक्त 1690 अंकों के साथ भारत ने रजत पदक जीता। ईरान ने 1707 अंक का नया विश्व रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि चीन ने 1675 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया। टीम स्पर्धा में ईरान का दबदबा स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
भारतीय पैरा निशानेबाजी के लिए नई आशा
भक्ति शर्मा की इस उपलब्धि को भारतीय पैरा निशानेबाजी के लिए बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। कम उम्र में जूनियर विश्व रिकॉर्ड बनाने के साथ विश्व चैंपियनशिप जैसे प्रतिष्ठित मंच पर पदक जीतना उनके उज्ज्वल भविष्य का स्पष्ट संकेत देता है। भारतीय दल के कोच और अधिकारी इस प्रदर्शन से बेहद उत्साहित हैं और इसे आगामी अंतरराष्ट्रीय स्पर्धाओं के लिए शुभ संकेत मान रहे हैं।
चांगवोन में मिली इस सफलता से भारतीय पैरा खेलों का मनोबल बढ़ा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भक्ति शर्मा जैसी युवा प्रतिभाओं के उभरने से भारत पैरालंपिक खेलों में अपनी पदक तालिका को और मजबूत कर सकेगा।
नोट: यह खबर वर्ल्ड शूटिंग पैरा स्पोर्ट (WSPS) आधिकारिक वेबसाइट पर जारी परिणामों पर आधारित है।



