चतरा: चतरा जिले के टंडवा प्रखंड अंतर्गत रहम पंचायत के लरंगा सामिडीह गांव में हाथियों का तांडव लगातार दूसरी रात भी जारी रहा, जिससे ग्रामीणों में गहरी दहशत फैल गई।
हाथियों का तांडव: 4 घर ध्वस्त, फसलें बर्बाद
मिली जानकारी के अनुसार, 15 से 16 हाथियों के झुंड ने गांव में जमकर तबाही मचाई। हाथियों ने 4 परिवारों के आशियाने को तोड़कर पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा, लगभग 8 किसानों की धान की फसलें और घरों में रखा करीब 10 क्विंटल अनाज बुरी तरह रौंदकर नष्ट कर डाला। लगातार दो रातों से बढ़ रहे इस गंभीर खतरे के बाद ग्रामीण पूरी रात जागकर पहरेदारी करते रहे।
वन विभाग और QRT टीम ने संभाला मोर्चा
स्थिति की नजाकत को देखते हुए टंडवा रेंजर रामबाबू के निर्देश पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम में वनकर्मी कार्तिक कुमार और QRT के सदस्य शामिल थे। वन कर्मियों और ग्रामीणों ने मिलकर संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला। हाथियों को खदेड़ने के लिए ग्रामीणों के बीच डीजल, मशाल और पटाखों का इंतजाम किया गया।
योजनाबद्ध तरीके से खदेड़ा गया झुंड
योजनाबद्ध तरीके से मशाल जलाकर और पटाखे छोड़कर ग्रामीणों व वन विभाग की टीम ने आखिरकार हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ दिया है। फिलहाल हाथी जंगल की तरफ चले गए हैं और हल्की बारिश के बीच भी वन विभाग की टीम कुछ ग्रामीणों के साथ सुरक्षा के मद्देनजर क्षेत्र में डटी हुई है।
मुआवजे की प्रक्रिया शुरू
इस बीच, टंडवा रेंजर रामबाबू ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित ग्रामीणों द्वारा विधिवत आवेदन मिलने पर उसे टंडवा अंचल अधिकारी (CO) गौरव कुमार राज के पास भेजा जाएगा। सीओ द्वारा क्षति का आकलन रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सभी पीड़ित परिवारों को उनके टूटे हुए घरों, फसलों और अनाज के नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाएगा। ग्रामीण अभी भी नुकसान का आंकलन कर रहे हैं और पूरी तरह सतर्क हैं।
- प्रभावित गांव: लरंगा सामिडीह, रहम पंचायत, टंडवा प्रखंड, चतरा
- हाथियों की संख्या: 15-16
- क्षतिग्रस्त घर: 4
- प्रभावित किसान: 8
- नष्ट अनाज: करीब 10 क्विंटल
- कार्रवाई: वन विभाग व QRT टीम ने संयुक्त अभियान चलाया
घटना के बाद से क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ा दी गई है। ग्रामीणों को सतर्क रहने और रात में अकेले न निकलने की हिदायत दी गई है। अधिक जानकारी के लिए झारखंड वन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखें।



