देवघर: राजकीय श्रावणी मेला 2026 की चौथी और अंतिम सोमवारी को बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर ने अध्यात्म और आधुनिक तकनीक के अनूठे संगम का गवाह बना। जिला प्रशासन की पहल पर शिवलोक परिसर में आयोजित भव्य ड्रोन शो ने आसमान को पौराणिक कथाओं के रंगों से सराबोर कर दिया, जिसे देख हजारों श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो उठे।
शिवलोक परिसर में साकार हुआ पौराणिक इतिहास
दिनांक 24 अगस्त 2026, सोमवार की संध्या ठीक 7:30 बजे उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री सौरभ कुमार भुवानिया, उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, अनुमंडल पदाधिकारी समेत वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति में शिवलोक परिसर से सैकड़ों ड्रोन्स ने एक साथ उड़ान भरी। लगभग 20 से 25 मिनट तक चले इस विहंगम शो के दौरान आसमान विशाल स्क्रीन में तब्दील हो गया। रंग-बिरंगी रोशनी से सजे ड्रोन्स ने बाबा बैद्यनाथ मंदिर से जुड़ी पौराणिक कथाओं, द्वादश ज्योतिर्लिंग के महत्व, श्रावणी मेले की प्राचीन परंपरा और रावण द्वारा शिवलिंग ले जाने की कथा को बेहद सजीव त्रिआयामी आकृतियों के रूप में प्रदर्शित किया।
राजकीय श्रावणी मेला 2026 में तकनीक से बढ़ी दिव्यता
इस ड्रोन शो की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बाबा वैद्यनाथ मंदिर की परिधि से लगभग पांच किलोमीटर तक के विस्तृत दायरे में रहने वाले श्रद्धालुओं, कांवरियों और स्थानीय नागरिकों को यह अलौकिक नजारा स्पष्ट दिखाई दिया। पूरा वातावरण ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष के साथ तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। डिजिटल रोशनी से सराबोर इस दृश्य ने हर उम्र के दर्शक को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
प्रशासन का संकल्प: सुरक्षा के साथ अविस्मरणीय अनुभव
इस अवसर पर उपायुक्त श्री सौरभ कुमार भुवानिया ने कहा, “राजकीय श्रावणी मेला 2026 की भव्यता और दिव्यता के अनुरूप श्रद्धालुओं को कई नए और अनोखे अनुभव प्रदान करने का संकल्प जिला प्रशासन ने लिया है। हमारा उद्देश्य केवल सुलभ और सुरक्षित जलार्पण सुनिश्चित कराना ही नहीं, बल्कि देवघर आने वाले हर शिवभक्त को एक ऐसी सुखद और आध्यात्मिक अनुभूति देना है जिसे वे जीवनभर न भूलें। आज चौथी और आखिरी सोमवारी को यह भव्य ड्रोन शो इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।”
जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन के लिए विशेष सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। हेडक्वार्टर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस बल ने शिवलोक परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखा। सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी ने मीडिया समन्वय का दायित्व निभाया।
श्रद्धालुओं ने सराहा प्रशासन का नवाचार
- बिहार से आए कांवरिया राजेश कुमार: “पहली बार ऐसा अद्भुत नजारा देखा। आसमान में बाबा की कथा देख आंखें भर आईं। प्रशासन का धन्यवाद।”
- स्थानीय निवासी सुश्री मीना देवी: “हर साल मेला देखती हूं, लेकिन इस बार का ड्रोन शो यादगार रहेगा। बच्चे भी बहुत खुश हुए।”
- झारखंड पर्यटन विभाग के अधिकारी: “यह पहल धार्मिक पर्यटन में नए मानक स्थापित करेगी। अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।”
बाबा बैद्यनाथ धाम: द्वादश ज्योतिर्लिंगों में सर्वश्रेष्ठ
देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हिंदू धर्मावलंबियों के लिए सर्वोच्च तीर्थस्थलों में गिना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, रावण ने कठोर तपस्या कर शिवलिंग को लंका ले जाने का वरदान मांगा था, लेकिन शर्त यह थी कि वह शिवलिंग को कहीं भूमि पर नहीं रखेगा। देवताओं की प्रार्थना पर भगवान विष्णु ने बैल का रूप धरकर शिवलिंग को यहां स्थापित कर दिया, तब से यह ज्योतिर्लिंग ‘बैद्यनाथ’ के नाम से विख्यात हुआ। प्रतिवर्ष सावन माह में लाखों कांवरिया सुल्तानगंज से गंगाजल लाकर यहां जलाभिषेक करते हैं, जिसे विश्व का सबसे लंबा धार्मिक मेला माना जाता है।
भविष्य की झलक: परंपरा और प्रौद्योगिकी का समन्वय
इस ड्रोन शो ने यह सिद्ध कर दिया कि सनातन परंपराओं को आधुनिक तकनीक के माध्यम से नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सकता है। जिला प्रशासन की इस पहल ने न केवल श्रावणी मेला 2026 को ऐतिहासिक बनाया, बल्कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में देवघर को एक नई पहचान दिलाई। उपायुक्त श्री भुवानिया ने संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में ऐसे आयोजनों को और वृहद रूप दिया जाएगा, जिसमें लेजर शो, थ्रीडी प्रोजेक्शन मैपिंग और ऑगमेंटेड रियलिटी आधारित अनुभव शामिल होंगे।
चौथी सोमवारी की संध्या जब ड्रोन शो का समापन हुआ, तो आसमान से बरसती डिजिटल रोशनी ने हर भक्त के हृदय में आस्था का नया प्रकाश भर दिया। यह आयोजन देवघर के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो चुका है।




