रांची: झारखंड बीजेपी सांगठनिक फेरबदल के तहत पार्टी ने अपने सांगठनिक ढांचे में बड़ा बदलाव करते हुए सात में से छह मोर्चों के नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा कर दी है। संगठन में करीब ढाई वर्षों बाद मोर्चा अध्यक्षों को बदला गया है। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने आठ महीने बाद नई टीम को लेकर यह अहम फैसला लिया है। इस फेरबदल को आगामी राजनीतिक और सांगठनिक गतिविधियों के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है।
झारखंड बीजेपी सांगठनिक फेरबदल में इन चेहरों को मिली जिम्मेदारी
बीजेपी ने सीमा सिंह को प्रदेश महिला मोर्चा का अध्यक्ष बनाया है। इससे पहले वह महिला मोर्चा में प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी निभा रही थीं। वहीं प्रदेश मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे मनोज वाजपेयी महतो को बीजेपी ओबीसी मोर्चा की कमान सौंपी गई है।
मांडर विधानसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार रह चुके सन्नी टोप्पो को बड़ी जिम्मेदारी देते हुए प्रदेश एसटी मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। जमशेदपुर के मो. ताजदार आलम को अल्पसंख्यक मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अलावा बोकारो निवासी अर्जुन सिंह को किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि रंजन भारती को एससी मोर्चा की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
युवा मोर्चा अध्यक्ष का फैसला फिलहाल टला
बीजेपी ने फिलहाल युवा मोर्चा के नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा नहीं की है। निवर्तमान युवा मोर्चा अध्यक्ष शशांक राज को प्रदेश बीजेपी कार्यसमिति का सदस्य बनाया गया है। कार्यसमिति में उनका नाम शामिल होने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि उन्हें दोबारा युवा मोर्चा अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने की संभावना कम है।
युवा मोर्चा अध्यक्ष पद के लिए श्रीनिवास और अजातशत्रु समेत अन्य नामों पर भी संगठन स्तर पर विचार किया गया है, लेकिन अभी तक किसी एक नाम पर आम सहमति नहीं बन सकी है। माना जा रहा है कि यदि सहमति नहीं बनी तो संगठन किसी नए चेहरे के नाम पर भी विचार कर सकता है। पार्टी सूत्रों के अनुसार इस पद पर निर्णय लेने में शीर्ष नेतृत्व जल्दबाजी नहीं करना चाहता।
ढाई साल बाद हुआ मोर्चा अध्यक्षों में बदलाव
प्रदेश बीजेपी में मोर्चा अध्यक्षों का कार्यकाल लंबे समय से चला आ रहा था। करीब ढाई वर्षों के अंतराल के बाद एक साथ छह मोर्चों के अध्यक्ष बदले गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पदभार संभालने के आठ महीने बाद यह निर्णय लिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस फेरबदल के जरिए पार्टी विभिन्न वर्गों और समुदायों में अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है। खासकर आदिवासी, अल्पसंख्यक, किसान और महिला वर्ग को साधने की रणनीति साफ नजर आती है।
नए चेहरों से संगठन को मिलेगी नई ऊर्जा
नवनियुक्त अध्यक्षों में कई युवा और सक्रिय कार्यकर्ता शामिल हैं। सन्नी टोप्पो जहां मांडर से चुनाव लड़ चुके हैं, वहीं मो. ताजदार आलम जमशेदपुर में अल्पसंख्यक समुदाय में सक्रिय रहे हैं। अर्जुन सिंह बोकारो से किसान मोर्चा की जिम्मेदारी संभालेंगे। पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि नई टीम संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करेगी और आगामी चुनावी तैयारियों में अहम भूमिका निभाएगी।
झारखंड बीजेपी के इस सांगठनिक फेरबदल पर विपक्षी दलों की भी नजर है। झारखंड मुक्ति मोर्चा और कांग्रेस ने इसे आंतरिक मामला बताते हुए ज्यादा तवज्जो नहीं दी, लेकिन राजनीतिक जानकार इसे 2024 के लोकसभा चुनाव और 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारी के रूप में देख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जल्द ही नई टीम की सूची जारी होने की संभावना है।



