रांची: झारखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल एजेंट अब प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र जमा कर सकेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) की भूमिका और प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है।
बूथ लेवल एजेंट के लिए आवेदन जमा करने की सीमा
आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पूर्व एक बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 50 आवेदन प्रपत्र जमा कर सकता था। लेकिन प्रारूप प्रकाशन के बाद यह सीमा घटाकर प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र कर दी गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राज्य में प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन हो चुका है, इसलिए वर्तमान में अधिकृत बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र ही संबंधित बीएलओ को सौंप सकते हैं। यह व्यवस्था मतदाता सूची की शुद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लागू की गई है।
सामूहिक जमा और घोषणा पत्र अनिवार्य
बीएलए द्वारा आवेदन प्रपत्र सामूहिक रूप से जमा करते समय आवेदन प्रपत्रों की सूची के साथ लिखित घोषणा या अंडरटेकिंग प्रस्तुत करना अनिवार्य है। इस घोषणा में बीएलए को यह प्रमाणित करना होगा कि उन्होंने संलग्न आवेदन प्रपत्रों में दिए गए विवरणों का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन किया है तथा वे उनमें उपलब्ध कराई गई जानकारियों की शुद्धता से संतुष्ट हैं। घोषणा पत्र में बीएलए का पूरा नाम, राजनीतिक दल का नाम, दिनांक एवं पूर्ण हस्ताक्षर अंकित किए जाएंगे। बिना घोषणा पत्र के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
30 से अधिक आवेदन पर क्रॉस-वेरिफिकेशन
यदि किसी बीएलए द्वारा पुनरीक्षण की पूरी अवधि के दौरान 30 से अधिक आवेदन प्रपत्र जमा किए जाते हैं, तो संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा उन आवेदनों का व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन किया जाना आवश्यक होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य सामूहिक रूप से प्राप्त आवेदन प्रपत्रों की शुद्धता सुनिश्चित करना तथा मतदाता सूची की विश्वसनीयता बनाए रखना है। आयोग ने यह प्रावधान फर्जी या गलत प्रविष्टियों को रोकने के लिए किया है।
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों एवं उनके बीएलए से भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया का अनुपालन करते हुए विशेष गहन पुनरीक्षण में समन्वय के साथ सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों की सहभागिता से यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और किसी भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो। आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
मुख्य बिंदु एक नजर में
- प्रारूप प्रकाशन के बाद बीएलए प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन जमा कर सकते हैं।
- आवेदन के साथ व्यक्तिगत सत्यापन की घोषणा अनिवार्य है।
- 30 से अधिक आवेदन जमा करने पर ईआरओ/एईआरओ द्वारा क्रॉस-वेरिफिकेशन होगा।
- सभी मान्यता प्राप्त दलों से प्रक्रिया पालन की अपील की गई है।
इस व्यवस्था से मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्य अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित होने की उम्मीद है। अधिकारी लगातार राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर प्रक्रिया समझा रहे हैं।



