रांची: स्टार वॉरियर्स फुटबॉल क्लब की तीन होनहार खिलाड़ियों राखी कुमारी, नैंसी मुंडा और आयुषी कुमारी का चयन झारखंड U-16 फुटबॉल टीम के लिए हुआ है। तीनों खिलाड़ी इस समय झारखंड टीम के साथ आंध्र प्रदेश में हैं और आज झारखंड-बिहार के बीच होने वाले मुकाबले में राज्य का प्रतिनिधित्व करती नजर आएंगी।
झारखंड U-16 फुटबॉल टीम में चयन से गांव में खुशी
राखी कुमारी और नैंसी मुंडा ऊलातू पंचायत के चरदी गांव की रहने वाली हैं, जबकि आयुषी कुमारी बोड़या पंचायत के संग्रामपुर गांव की निवासी हैं। इन बेटियों की सफलता की खास बात यह है कि मैदान की कमी के बावजूद खेतों में अभ्यास कर उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है। स्टार वॉरियर्स फुटबॉल क्लब से लगातार खिलाड़ी झारखंड टीम में चयनित होकर राज्य के लिए पदक जीत रही हैं। यह ग्रामीण क्षेत्र की उन बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखती हैं।
कोच अनवरुल हक ने कहा- सपनों की कोई सीमा नहीं
क्लब के कोच सह संस्थापक अनवरुल हक उर्फ बबलू ने तीनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि “हमारी बेटियां परिस्थितियों से नहीं, अपनी मेहनत और हौसले से पहचान बना रही हैं। आज मैदान की कमी है, लेकिन उनके सपनों की कोई सीमा नहीं है।” उन्होंने बताया कि क्लब में सुविधाओं का अभाव है, लेकिन खिलाड़ियों का जुनून किसी भी बाधा से बड़ा है। बबलू सर पिछले कई वर्षों से बिना किसी सरकारी सहायता के इस क्लब को चला रहे हैं और ग्रामीण बच्चों को फुटबॉल का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
खिलाड़ियों का परिचय
- राखी कुमारी: चरदी गांव की निवासी, मिडफील्डर के रूप में खेलती हैं। उनकी पासिंग और गेम रीडिंग क्षमता टीम के लिए अहम है।
- नैंसी मुंडा: चरदी गांव की ही रहने वाली, फॉरवर्ड पोजीशन पर खेलती हैं। उनकी गति और फिनिशिंग उन्हें खतरनाक स्ट्राइकर बनाती है।
- आयुषी कुमारी: संग्रामपुर गांव की निवासी, डिफेंडर की भूमिका निभाती हैं। उनकी टैकलिंग और हवाई क्षमता रक्षापंक्ति को मजबूती देती है।
तीनों खिलाड़ियों ने कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन के बाद उनका चयन राज्य स्तरीय कैंप के लिए हुआ था, जहां अंतिम चयन प्रक्रिया में वे खरी उतरीं। चयनकर्ताओं ने उनकी तकनीकी दक्षता और शारीरिक दमखम को सराहा।
आज आंध्र प्रदेश में बिहार से मुकाबला
झारखंड U-16 टीम अभी आंध्र प्रदेश के दौरे पर है। आज झारखंड और बिहार के बीच महत्वपूर्ण मुकाबला खेला जाएगा। तीनों खिलाड़ी इस मैच में अपनी छाप छोड़ने को तैयार हैं। टीम के साथ गए कोचिंग स्टाफ ने बताया कि खिलाड़ियों का मनोबल ऊंचा है और वे जीत के इरादे से मैदान पर उतरेंगी। यह टूर्नामेंट राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने का एक बड़ा मंच है।
क्षेत्रवासियों ने दी शुभकामनाएं
तीनों खिलाड़ियों के चयन पर जगदीश सिंह ‘जग्गू’, रश्मि तिर्की, शाहनवाज कुरैशी, राणा मिश्रा, रामेंद्र कुमार, समेंदर कुमार, शकील अहमद, नुरूल हक, सुमित महतो और छोटू टोप्पो सहित क्षेत्र के लोगों ने शुभकामनाएं दीं। ग्रामीणों ने कहा कि इन बेटियों ने पूरे इलाके का नाम रोशन किया है। अभिभावकों ने भी क्लब के प्रयासों की सराहना की है।
ग्रामीण प्रतिभा को तराशने की जरूरत
स्टार वॉरियर्स फुटबॉल क्लब की यह कामयाबी साबित करती है कि ग्रामीण भारत में प्रतिभा की कमी नहीं है, बस उसे तराशने वाले हाथ चाहिए। क्लब बिना किसी सरकारी अनुदान के चल रहा है, फिर भी इसने राज्य और राष्ट्रीय स्तर के कई खिलाड़ी दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर ऐसे क्लबों को बुनियादी सुविधाएं मिल जाएं तो झारखंड फुटबॉल में नई ऊंचाइयां छू सकता है। भारतीय फुटबॉल के विकास में ग्रामीण क्लबों की भूमिका अहम रही है।
अंत में, इन तीनों बेटियों का चयन न केवल उनके परिवार और क्लब के लिए गर्व का क्षण है, बल्कि उन सभी युवा लड़कियों के लिए एक संदेश है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से मंजिल पाई जा सकती है। झारखंड U-16 फुटबॉल टीम के आगामी मैचों के लिए हमारी शुभकामनाएं इन खिलाड़ियों के साथ हैं।



