बेगूसराय: जनसुराज नेता एवं बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर रविवार को बेगूसराय पहुंचे और बिहार सरकार के पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं बिहार राज्य हज कमेटी के पूर्व अध्यक्ष जमशेद अशरफ से उनके मुंगेरीगंज स्थित आवास पर मुलाकात की। दोनों नेताओं के बीच काफी देर तक देश और बिहार की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों सहित विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर बातचीत हुई।
प्रशांत किशोर और जमशेद अशरफ के बीच क्या हुई बातचीत
बताया जाता है कि प्रशांत किशोर की जमशेद अशरफ से यह मुलाकात व्यक्तिगत एवं औपचारिक थी। हालांकि, बिहार की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच दोनों नेताओं की मुलाकात को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। मुलाकात के दौरान बिहार की राजनीति की दिशा, राज्य के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य तथा आने वाले समय में संभावित राजनीतिक बदलावों को लेकर भी विचार-विमर्श होने की बात कही जा रही है। प्रशांत किशोर ने बिहार के मौजूदा राजनीतिक और सामाजिक परिदृश्य को लेकर अपनी बात रखी।
राजनीतिक गलियारों में अटकलों का बाजार गर्म
दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत को हालांकि औपचारिक मुलाकात बताया गया, लेकिन राजनीतिक रूप से सक्रिय दो प्रमुख चेहरों की यह मुलाकात चर्चा का विषय बन गई है। मुलाकात के दौरान मौजूद लोगों के अनुसार, दोनों नेताओं ने सौहार्दपूर्ण माहौल में बातचीत की। फिलहाल इस मुलाकात को लेकर किसी राजनीतिक निर्णय या नई राजनीतिक पहल की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। बावजूद इसके, बिहार की राजनीति में सक्रिय नेताओं के बीच हुई इस मुलाकात को लेकर अलग-अलग राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
मौके पर मौजूद रहे जनसुराज के प्रमुख नेता
इस अवसर पर जनसुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, सरवर अली, रजनीश कुमार, मो आजाद, मो शमशाद उर्फ गुड्डू, मो रब्बान, अगम कुमार सहित अन्य उपस्थित थे। उपस्थित नेताओं ने बताया कि यह मुलाकात पूरी तरह से शिष्टाचार भेंट थी, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसके गहरे मायने तलाशे जा रहे हैं।
बिहार की राजनीति में प्रशांत किशोर की सक्रियता
गौरतलब है कि प्रशांत किशोर पिछले कुछ समय से बिहार की राजनीति में लगातार सक्रिय हैं। जनसुराज अभियान के माध्यम से वे गांव-गांव जाकर लोगों से जुड़ रहे हैं। पूर्व में वे विभिन्न राजनीतिक दलों के लिए चुनावी रणनीतिकार की भूमिका निभा चुके हैं। जमशेद अशरफ बिहार सरकार में मंत्री रहने के साथ-साथ हज कमेटी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं। दोनों नेताओं का लंबा राजनीतिक अनुभव है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसी मुलाकातें भविष्य के राजनीतिक समीकरणों का संकेत देती हैं। हालांकि, दोनों पक्षों की ओर से इसे औपचारिक मुलाकात ही बताया जा रहा है। आने वाले दिनों में इस मुलाकात का क्या असर होता है, यह देखना दिलचस्प होगा।
जनसुराज से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रशांत किशोर का यह दौरा संगठनात्मक मजबूती और जनसंपर्क अभियान का हिस्सा है। वे लगातार बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं और स्थानीय नेताओं तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर रहे हैं।
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