रांची: राजधानी रांची में HEC की जमीन से अतिक्रमण हटाने पहुंची जिला प्रशासन की टीम को बुधवार को बस्तीवासियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा। हरमू बाईपास रोड इलाके में दर्जनों जेसीबी और बुलडोजर के साथ प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए पहुंची थी, लेकिन कार्रवाई शुरू होने से पहले ही बस्ती के लोग मशीनों के सामने आ गए और विरोध करने लगे।
बस्तीवासियों ने JCB रोककर जताया विरोध
देखते ही देखते कई लोग जेसीबी पर बैठ गए, जिससे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पूरी तरह रुक गई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे करीब 60 वर्षों से इस स्थान पर रह रहे हैं। अचानक घरों को तोड़े जाने की कार्रवाई से उनके सामने रहने का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। लोगों ने प्रशासन से मांग की कि अतिक्रमण हटाने से पहले उन्हें वैकल्पिक या स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए।
60 वर्षों से रहने का दावा
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा कि बस्ती में छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी रहते हैं। घर टूटने के बाद वे कहां जाएंगे, इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा। लोगों का आरोप है कि पहले प्रशासन की ओर से बस्ती नहीं तोड़ने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में दोबारा जेसीबी लाकर कार्रवाई शुरू कर दी गई। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि उनके पूर्वज यहां बसाए गए थे और अब अचानक बेघर करने की कोशिश हो रही है।
पुलिस बल की भारी तैनाती
विरोध को देखते हुए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासन की ओर से बताया गया कि जिला प्रशासन के आदेश के तहत HEC की जमीन से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, HEC की जमीन पर जो भी निर्माण अतिक्रमण की श्रेणी में आएगा, उसे आदेश के अनुसार हटाया जाएगा। Heavy Engineering Corporation (HEC) भारत का एक प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम है, जिसकी स्थापना 1958 में हुई थी। इसकी भूमि पर अतिक्रमण का मामला लंबे समय से चल रहा है।
पुनर्वास की मांग तेज
बस्तीवासियों ने HEC की जमीन पर वर्षों से रह रहे परिवारों के पुनर्वास की मांग उठाई है। उनका कहना है कि पहले रहने की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और उसके बाद ही अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए। इस मुद्दे पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है।
पहले भी चल चुका है अभियान
रांची में HEC की जमीन से अतिक्रमण हटाने को लेकर पहले भी अभियान चल चुका है। अब दोबारा कार्रवाई शुरू होने से प्रशासन और बस्तीवासियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई है। फिलहाल लोगों के जेसीबी को घेरकर बैठने के कारण अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रभावित हुई है। प्रशासन का कहना है कि कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी, वहीं बस्तीवासी पुनर्वास के बिना हटने को तैयार नहीं हैं।
इस मामले में जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि वे बस्तीवासियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेंगे, लेकिन अतिक्रमण हटाने का आदेश न्यायालय और विभागीय निर्देशों के तहत है। उन्होंने बताया कि पुनर्वास के लिए संबंधित विभागों से बातचीत चल रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन उनकी मांग नहीं मानता तो वे आंदोलन तेज करेंगे। इस बीच, क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और भारी पुलिस बल तैनात है।



