तेघड़ा: बेगूसराय जिले के तेघड़ा में ईद मिलाद उन नबी का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की यौम-ए-पैदाइश के मौके पर निकाले गए भव्य जुलूस में हजारों की संख्या में अकीदतमंद शामिल हुए। जुलूस नगर के मुख्य बाजार, स्टेशन रोड, पुरानी बाजार समेत विभिन्न मार्गों से गुजरा, जहां लोगों ने फूल-मालाओं से स्वागत किया।
जुलूस में गूंजे सरकार की आमद मरहबा के नारे
सुबह से ही शहर का माहौल रूहानी नजर आ रहा था। जुलूस की अगुवाई कर रहे उलेमा और नौजवान हाथों में हरे परचम लिए “सरकार की आमद मरहबा” और “मुस्तफा जान-ए-रहमत पे लाखों सलाम” जैसे नारे लगा रहे थे। पूरे रास्ते नात-ए-रसूल की सदाएं गूंजती रहीं। जुलूस में शामिल बच्चे, बूढ़े और जवान सभी के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
वक्ताओं ने बयां की पैगंबर साहब की सीरत
जुलूस के समापन पर आयोजित जलसे को संबोधित करते हुए मौलाना अब्दुल कादिर ने कहा कि ईद मिलाद उन नबी महज जश्न का दिन नहीं, बल्कि पैगंबर साहब की शिक्षाओं को जीवन में उतारने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने कहा कि हुजूर पाक ने पूरी इंसानियत को अमन, शांति, भाईचारे और मोहब्बत का पैगाम दिया। आज दुनिया जिन परेशानियों से जूझ रही है, उनका हल पैगंबर साहब की सीरत में मौजूद है।
मुफ्ती मोहम्मद इरशाद ने कहा कि रबीउल अव्वल की 12वीं तारीख को इस्लामी तारीख का सबसे मुबारक दिन माना जाता है। इस दिन अल्लाह ने रहमतुल्लिल आलमीन को दुनिया में भेजकर इंसानियत पर बड़ा एहसान फरमाया। हमें उनके बताए रास्ते पर चलकर नेकी और भलाई के काम करने चाहिए।
मस्जिदों और घरों में हुई खास सजावट
त्योहार को लेकर तेघड़ा की तमाम मस्जिदों और मुस्लिम मोहल्लों के घरों को रंग-बिरंगी रोशनी, झालरों और झंडों से सजाया गया था। जामा मस्जिद, बड़ी मस्जिद, चांदनी मस्जिद समेत सभी इबादतगाहों में खास रौनक नजर आई। रातभर मस्जिदों में मिलाद महफिलों का आयोजन हुआ, जहां कारी और हाफिजों ने नात-ए-पाक पढ़कर महफिल को रूहानियत से सराबोर कर दिया।
गरीबों में बांटी गई खुशियां, लंगर का आयोजन
पैगंबर साहब के पैगाम-ए-खिदमत-ए-खल्क पर अमल करते हुए नौजवान कमेटी की ओर से जगह-जगह लंगर और शरबत के स्टॉल लगाए गए। जुलूस के रास्ते में राहगीरों और गरीबों को खाना खिलाया गया। कमेटी के सदस्य मोहम्मद शाहिद ने बताया कि हुजूर पाक ने फरमाया है कि “तुममें सबसे बेहतर वो है जो लोगों के काम आए।” इसी सीख पर चलते हुए हर साल गरीबों और यतीमों की मदद की जाती है।
प्रशासन रहा मुस्तैद, शांति से बीता त्योहार
त्योहार के मद्देनजर प्रशासन पूरी तरह चौकस रहा। तेघड़ा थानाध्यक्ष संजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल जुलूस मार्ग पर तैनात रहा। ड्रोन कैमरे से निगरानी की गई। किसी भी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल पेश करते हुए स्थानीय हिंदू भाइयों ने भी जुलूस का स्वागत किया और शरबत पिलाया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में मोहम्मद तनवीर, हाजी मोहम्मद इकबाल, मास्टर सलाउद्दीन, पार्षद प्रतिनिधि मोहम्मद नसीम समेत बड़ी संख्या में लोगों का योगदान रहा।
स्रोत: स्थानीय प्रशासन और आयोजन समिति की रिपोर्ट के आधार पर।



