वाराणसी: भारतीय वायुसेना के 94वें स्थापना दिवस पर आयोजित विंग्स ओवर गंगा एयर शो के दूसरे दिन शनिवार को नमो घाट पर आसमान लड़ाकू विमानों की गर्जना से गूंज उठा।
सारंग टीम ने आसमान में बनाया तिरंगा
एयर शो की शुरुआत सारंग हेलीकॉप्टर टीम के हैरतअंगेज प्रदर्शन से हुई। 5 हेलीकॉप्टरों ने सटीक तालमेल के साथ हवा में भारत का तिरंगा उकेर दिया। गंगा के दोनों किनारों पर जुटे हजारों दर्शकों ने तालियों और “हर-हर महादेव” के जयघोष से पायलटों का उत्साह बढ़ाया। यह नजारा देख हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो गया।
राफेल और सुखोई ने दिखाई ताकत
इसके बाद बारी आई वायुसेना के दो सबसे खतरनाक लड़ाकू विमानों की। राफेल और सुखोई-30 एमकेआई ने तेज रफ्तार उड़ान, अचानक दिशा बदलने और ऊंचाई पर सटीक नियंत्रण का प्रदर्शन किया। राफेल ने चील की तरह गोता लगाते हुए रोमांचक करतब दिखाए। चिलचिलाती धूप के बावजूद घाटों पर मौजूद भीड़ देर तक आसमान की ओर टकटकी लगाए रही।
विंग्स ओवर गंगा में 100 विमानों का बेड़ा
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार इस मेगा शो में कुल 100 विमान शामिल हुए। इनमें 52 लड़ाकू विमान, 15 परिवहन विमान, 32 हेलीकॉप्टर और 1 ऐतिहासिक विमान शामिल रहे। ये विमान देशभर के 12 वायुसेना अड्डों से उड़ान भरकर वाराणसी पहुंचे, जिनमें चेन्नई के निकट स्थित अरक्कोणम नौसैनिक अड्डा भी शामिल है।
प्रमुख लड़ाकू विमान और फॉर्मेशन
- सुखोई-30 एमकेआई
- राफेल
- जगुआर
- मिराज-2000
- तेजस
- मिग-29
प्रदर्शन के दौरान 25 विमानों ने फॉर्मेशन उड़ान भरी। कम ऊंचाई पर उड़ान, गोलाकार फॉर्मेशन और काशी की सांस्कृतिक पहचान से जुड़े नामों वाले फॉर्मेशन खास आकर्षण रहे। तीन एमआई-17 वी-5 हेलीकॉप्टरों ने भी क्षमता प्रदर्शन किया।
भारी भीड़ और यातायात दबाव
सुबह से ही नमो घाट और आसपास के गंगा घाटों पर दर्शकों का हुजूम उमड़ पड़ा। बेहतर जगह पाने के लिए लोग घंटों पहले पहुंच गए। सुरक्षा के व्यापक इंतजाम थे, लेकिन भारी भीड़ के कारण शहर और राजघाट क्षेत्र में भीषण जाम की स्थिति बनी रही। प्रशासन को यातायात संभालने में खासी मशक्कत करनी पड़ी।
अंतिम दिन दिग्गजों का जमावड़ा
एयर शो के अंतिम दिन रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने का कार्यक्रम है। उनके आगमन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। भारतीय वायुसेना की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस आयोजन की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है।
“विंग्स ओवर गंगा” के माध्यम से वायुसेना ने अपनी परिचालन क्षमता, आधुनिक सैन्य तकनीक और वायु योद्धाओं के अदम्य साहस का जीवंत प्रदर्शन किया। गंगा के ऐतिहासिक तट पर यह आयोजन काशीवासियों के लिए रोमांच के साथ राष्ट्रीय गौरव का अवसर बन गया।



