दवा मरीजों को नसीब नहीं, सीएचसी में लगाई जा रही आग!
सदर अस्पताल के सामने संचालित सीएचसी में लाखों की दवाइयां जलाई गईं, सीएचसी प्रभारी सह सिविल सर्जन डॉ सत्येंद्र सिन्हा अनभिज्ञ
एक्सपायर दवाओं को ठिकाने लगाने और सबूत मिटाने की आशंका, धुएं और दुर्गंध से अस्पताल का वातावरण दूषित
चतरा : स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। मरीजों को जरूरत के समय दवाइयां उपलब्ध नहीं हो रही हैं, वहीं सदर अस्पताल के सामने संचालित सीएचसी में लाखों रुपये की दवाइयां आग के हवाले कर दी गईं। घटना शनिवार शाम करीब सात बजे की बताई जा रही है। आरोप है कि कमीशन के खेल में लाखों रुपये की दवाइयों की खरीदारी तो कर ली जाती है, लेकिन मरीजों के बीच वितरण नहीं होने के कारण दवाइयां एक्सपायर हो जाती हैं। अब इन दवाओं को जलाकर ठिकाने लगाने और संभावित सबूत मिटाने की आशंका जताई जा रही है। दवा जलाने से उठता जहरीला धुआं सदर अस्पताल परिसर तक पहुंचता रहा। वहीं, तेज दुर्गंध से आसपास का वातावरण भी दूषित हो गया। हैरानी की बात है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद सिविल सर्जन को इसकी जानकारी नहीं होने की बात सामने आ रही है। अब सवाल है कि लाखों की सरकारी दवाइयां किसके आदेश पर जलाई गईं और इसके लिए जिम्मेदार कौन है?



