बेगूसराय: बेगूसराय बाढ़ अलर्ट जारी करते हुए गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
संभावित बाढ़-2026 से निपटने के लिए जिला आपदा प्रबंधन शाखा ने व्यापक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ-साथ जलस्तर एवं बाढ़ की संभावित स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। जिला पदाधिकारी ने साम्हो प्रखंड का निरीक्षण कर बाढ़ की संभावित स्थिति, प्रशासनिक तैयारियों, नाव परिचालन एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बेगूसराय बाढ़ अलर्ट: प्रशासनिक तैयारियों का पूरा ब्यौरा
प्रभावित क्षेत्र और गांव
गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिले के सभी संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण एवं अनुश्रवण किया जा रहा है। पूर्व वर्ष के अनुभव एवं उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर जिले के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को चिन्हित किया गया है। इसके तहत जिले के कुल 08 प्रखंडों की 39 पंचायतें, जिनमें 37 ग्राम पंचायत एवं 02 नगर पंचायत शामिल हैं, तथा कुल 189 गांव संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्र के रूप में चिन्हित किए गए हैं।
नाव और आवागमन की व्यवस्था
संभावित बाढ़ की स्थिति में लोगों के सुरक्षित आवागमन एवं बचाव कार्यों के लिए जिले में कुल 267 नावों के परिचालन की व्यवस्था की गई है। इनमें 21 सरकारी नाव, निजी नाव मालिकों के साथ एकरारनामा के तहत 239 नाव तथा 07 मोटरबोट शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, साहेबकमाल प्रखंड के समस्तीपुर एवं संदलपुर ग्राम पंचायतों में आमजनों के आवागमन की सुविधा के लिए 05 नावों की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। प्रशासन द्वारा नावों के परिचालन एवं आवश्यकतानुसार इनके उपयोग की सतत निगरानी की जा रही है।
राहत शिविर और सामुदायिक रसोई
बाढ़ प्रभावित लोगों को राहत एवं आश्रय उपलब्ध कराने के लिए जिले में 228 सामुदायिक रसोई केन्द्र तथा 80 राहत शिविर केन्द्र चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा ड्राई राशन पैकेट तैयार करने के लिए 26 स्थल तथा आपातकालीन परिस्थितियों में हवाई सहायता के लिए 18 हेलीपैड स्थल चिन्हित किए गए हैं। आपदा की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में 41,880 पॉलिथीन शीट्स भी उपलब्ध हैं।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी विशेष तैयारी की गई है। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 62 मोबाइल मेडिकल टीम, 19 अस्थायी मेडिकल कैंप तथा 29 स्थायी मेडिकल कैंप की व्यवस्था की गई है। साथ ही, आपातकालीन चिकित्सा आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 122 प्रकार की जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, ताकि बाढ़ की स्थिति में प्रभावित लोगों को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
पशुधन की सुरक्षा
पशुधन की सुरक्षा एवं उपचार के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में 52 पशु कैंप चिन्हित किए गए हैं तथा पशुओं के उपचार के लिए 44 प्रकार की पशु दवाओं की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पशुधन के लिए 2,500 क्विंटल पशुचारा भंडारित किया गया है, ताकि बाढ़ की स्थिति में पशुओं के लिए चारे की उपलब्धता में किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
निगरानी और आमजन से अपील
जिला प्रशासन द्वारा गंगा नदी के जलस्तर एवं संभावित बाढ़ की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। सभी संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों को अपने-अपने स्तर से पूरी तत्परता के साथ कार्य करने तथा आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन ने आमजनों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। जलभराव एवं तेज जलधारा वाले क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचित करें। किसी भी आपात स्थिति, सहायता अथवा बाढ़ से संबंधित सूचना के लिए आमजन जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 9279808780 पर संपर्क कर सकते हैं।
बेगूसराय जिले की भौगोलिक स्थिति और गंगा नदी के किनारे बसे होने के कारण यहां बाढ़ का खतरा हर वर्ष बना रहता है। अधिक जानकारी के लिए बेगूसराय के आधिकारिक संसाधन देखे जा सकते हैं।



