जयप्रकाश डैम की बदहाली से किसानों पर दोहरी मार, पानी के अभाव में बर्बाद हो रही धान की फसल
10 साल से मरम्मत की बाट जोह रहा डैम, सांसद कालीचरण सिंह और विधायक जनार्दन पासवान की पहल का इंतजार
चतरा जिले के प्रतापपुर प्रखंड अंतर्गत टंडवा गांव स्थित जयप्रकाश डैम की बदहाली से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। डैम की मरम्मत नहीं होने का खामियाजा अब किसानों को भुगतना पड़ रहा है। खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने के कारण फिलहाल धान की फसल बर्बाद हो रही है। किसानों के सामने अपनी मेहनत और लागत बचाने का संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद डैम की मरम्मत को लेकर ठोस पहल नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।
पानी के अभाव में सूख रही धान की फसल
जयप्रकाश डैम कभी क्षेत्र के किसानों के लिए सिंचाई का महत्वपूर्ण साधन हुआ करता था। इससे आसपास के खेतों में सिंचाई की उम्मीद बनी रहती थी। लेकिन डैम की बदहाल स्थिति के कारण किसानों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। वर्तमान में धान की फसल को पानी की जरूरत है, ऐसे में सिंचाई के अभाव में फसल बर्बाद होने की स्थिति उत्पन्न हो गई है। किसानों को आशंका है कि समय पर पानी नहीं मिला तो उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। फसल खराब होने से आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ सकता है।
10 साल से मरम्मत का इंतजार
जानकारी के अनुसार, वर्ष 2016 के आसपास डैम क्षतिग्रस्त हुआ था। इससे पहले वर्ष 2014 में इसकी मरम्मत कराई गई थी। लेकिन इसके बाद डैम की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका। लंबे समय से मरम्मत की मांग उठने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
सांसद-विधायक से किसानों को उम्मीद
चतरा के सांसद कालीचरण सिंह और विधायक जनार्दन पासवान से किसानों को इस समस्या के समाधान की उम्मीद है। सवाल है कि जब किसानों की धान की फसल पानी के अभाव में बर्बाद हो रही है, तो डैम की मरम्मत के लिए ठोस पहल कब होगी? किसानों के हित में डैम की तकनीकी जांच, मरम्मत के लिए राशि की व्यवस्था और सिंचाई बहाल करने की दिशा में तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। अब देखना होगा कि जनप्रतिनिधि और संबंधित विभाग किसानों को राहत दिलाने के लिए कब तक पहल करते हैं।



