झाबुआ: मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में झाबुआ एक्सप्रेसवे हादसा शुक्रवार रात दिल्ली-मुंबई 8-लेन एक्सप्रेसवे के पहुंच मार्ग पर हुआ। एक ट्रक और पिकअप वाहन की आमने-सामने जोरदार टक्कर के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई, जिसमें पिकअप चालक जिंदा जल गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
हादसे का पूरा घटनाक्रम
जानकारी के मुताबिक शुक्रवार रात एक ट्रक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रही पिकअप से उसकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कुछ ही देर में दोनों वाहनों में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटें तेज हो गईं और मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हादसे में पिकअप चालक को वाहन से बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। वह वाहन के अंदर ही फंस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक की पहचान और फरार ट्रक चालक
मृतक की पहचान मियाटी निवासी तेरु खिमा भाबर के रूप में हुई है। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने फरार ट्रक चालक की तलाश शुरू कर दी है। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम ने यातायात व्यवस्था को सुचारू कराया और मामला दर्ज कर जांच प्रारंभ की।
स्थानीय लोगों ने उठाए सड़क डिजाइन पर सवाल
हादसे के बाद वहां जाम लग गया। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। लोगों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे के पहुंच मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण यहां वाहनों की आवाजाही में परेशानी होती है। सड़क पर एक साथ दोनों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इस मार्ग पर लगातार हादसे होने से क्षेत्रवासियों में चिंता बढ़ रही है।
प्रशासन से सुरक्षा इंतजाम की मांग
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से एक्सप्रेस-वे के पहुंच मार्ग की चौड़ाई बढ़ाने, यातायात व्यवस्था को बेहतर करने और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने की मांग की है। उनका कहना है कि संकरे पहुंच मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार खतरा बनी हुई है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे है, लेकिन इसके संपर्क मार्गों की डिजाइन पर ध्यान देना जरूरी है।
पुलिस कार्रवाई और जांच
पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए हैं। फरार ट्रक चालक के वाहन नंबर के आधार पर उसकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है। मृतक के परिजनों को सूचना दे दी गई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और संकरे मार्ग को हादसे का कारण माना जा रहा है।
इस दुखद घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की खामियों को उजागर किया है। स्थानीय निवासियों की मांग है कि प्रशासन तत्काल कदम उठाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।



