सिमडेगा: झारखंड के सिमडेगा जिला में मेजर ध्यानचंद हॉकी चैंपियनशिप का भव्य आयोजन राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर होने जा रहा है। हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद जी की जयंती पर 29 अगस्त 2026 को अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, सिमडेगा में 21वीं मेजर ध्यानचंद सीनियर सिमडेगा जिला महिला एवं पुरुष हॉकी चैंपियनशिप 2026 का शुभारंभ होगा।
ऐतिहासिक भागीदारी: 58 टीमें, 1044 खिलाड़ी
इस वर्ष की जिला स्तरीय हॉकी चैंपियनशिप अपने आप में ऐतिहासिक होने जा रही है। प्रतियोगिता में कुल 58 टीमों की भागीदारी होगी, जो सिमडेगा जिला हॉकी के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है। पुरुष वर्ग में 40 टीम तथा महिला वर्ग में 18 टीम मैदान में उतरेंगी। कुल 58 टीमों में लगभग 1044 खिलाड़ियों के भाग लेने की संभावना है।
128 मैचों का मेगा आयोजन
प्रतियोगिता के दौरान दोनों वर्गों को मिलाकर कुल 128 मैच खेले जाएंगे। इनमें पुरुष वर्ग में 88 मैच, जबकि महिला वर्ग में 40 मैच शामिल हैं। इतने बड़े स्तर पर मैचों का आयोजन सिमडेगा में पहली बार हो रहा है। इस वर्ष प्रतियोगिता के मुकाबले दोनों हॉकी मैदानों पर आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक टीमों को अवसर मिल सकेगा और प्रतियोगिता को निर्धारित समय में सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकेगा।
मेजर ध्यानचंद हॉकी चैंपियनशिप से मिलेगा ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच
हॉकी सिमडेगा द्वारा आयोजित यह चैंपियनशिप न केवल जिले में हॉकी की बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाती है, बल्कि सिमडेगा को झारखंड की हॉकी नर्सरी के रूप में और मजबूत पहचान भी दिलाती है। ग्रामीण एवं सुदूरवर्ती क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए इस प्रतियोगिता के माध्यम से एक बड़ा मंच मिलेगा।
खेलेगा भारत, जीतेगा भारत का संदेश
“खेलेगा भारत, जीतेगा भारत” के संदेश के साथ आयोजित यह चैंपियनशिप राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर खेल, अनुशासन, टीम भावना और एकता का संदेश देगी। हॉकी सिमडेगा और खेल विभाग, सिमडेगा के संयुक्त प्रयास से यह आयोजन भारतीय हॉकी के सुनहरे इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम करेगा।
सिमडेगा: भारत की हॉकी राजधानी
सिमडेगा को लंबे समय से भारत की हॉकी नर्सरी के रूप में जाना जाता रहा है। इस जिले ने देश को कई अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी दिए हैं। सिमडेगा जिला की भौगोलिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि हॉकी के विकास के लिए अनुकूल रही है। यहां के ग्रामीण अंचलों में हॉकी महज एक खेल नहीं, बल्कि जीवन शैली का हिस्सा है।
राष्ट्रीय खेल दिवस का महत्व
राष्ट्रीय खेल दिवस प्रतिवर्ष 29 अगस्त को मेजर ध्यानचंद की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। मेजर ध्यानचंद ने भारतीय हॉकी को ओलंपिक में तीन स्वर्ण पदक (1928, 1932, 1936) दिलाए थे। उनकी जयंती पर आयोजित यह चैंपियनशिप युवा खिलाड़ियों को उनके आदर्शों से जोड़ने का कार्य करती है।
आयोजन की विशेषताएं
- दोनों वर्गों (महिला एवं पुरुष) के लिए अलग-अलग पूल
- दो हॉकी मैदानों पर समानांतर मैच
- अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाला स्टेडियम
- ग्रामीण प्रतिभाओं को मुख्यधारा में लाने का प्रयास
- खेल विभाग, सिमडेगा का पूर्ण सहयोग
इस आयोजन से सिमडेगा जिला प्रशासन, खेल विभाग और हॉकी सिमडेगा को उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में जिले से और अधिक खिलाड़ी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।



