जमशेदपुर: पश्चिम बंगाल के कल्याणी में आयोजित नेशनल फेडरेशन कप 2026 में जमशेदपुर के युवा पावरलिफ्टर मृत्युंजय पाठक ने दमदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक हासिल कर शहर और झारखंड का नाम रोशन किया है। 20 से 23 अगस्त तक चली इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे खिलाड़ियों ने अपनी ताकत और तकनीक का प्रदर्शन किया।
नेशनल फेडरेशन कप 2026 का आयोजन और माहौल
पावरलिफ्टिंग स्पोर्ट्स ऑर्गनाइजेशन की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता में इक्विप्ड और अनइक्विप्ड दोनों वर्गों में मुकाबले हुए। कल्याणी का स्टेडियम खिलाड़ियों के जोश और दर्शकों की उत्साहवर्धक उपस्थिति से गूंज रहा था। देश भर से आए पावरलिफ्टरों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। प्रतियोगिता का स्तर काफी ऊंचा था और हर खिलाड़ी अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए प्रयासरत था। ऐसे चुनौतीपूर्ण माहौल में मृत्युंजय पाठक ने अपना संयम बनाए रखा और अपनी तैयारी पर भरोसा रखा।
मृत्युंजय पाठक का शानदार प्रदर्शन
इक्विप्ड वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहे मृत्युंजय पाठक ने बेंच प्रेस स्पर्धा में पहला स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यह उनकी तकनीकी दक्षता और शारीरिक शक्ति का बेहतरीन नमूना था। बेंच प्रेस में उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वियों को स्पष्ट अंतर से पीछे छोड़ा। इसके तुरंत बाद डेडलिफ्ट स्पर्धा में भी उन्होंने तीसरा स्थान हासिल कर कांस्य पदक जीता। एक ही प्रतियोगिता में दो अलग-अलग स्पर्धाओं में पदक जीतना उनकी बहुमुखी प्रतिभा को दर्शाता है। कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सफलता उनके निरंतर अभ्यास और मेहनत का प्रत्यक्ष प्रमाण है।
प्रशिक्षण, अनुशासन और दिनचर्या
मृत्युंजय पाठक जमशेदपुर के टाइटन फिटनेस यूनिसेक्स जिम में प्रशिक्षण लेते हैं। उन्होंने बताया कि लगभग एक वर्ष से वह नियमित रूप से पावरलिफ्टिंग का अभ्यास कर रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान शक्ति बढ़ाने के साथ-साथ तकनीक, अनुशासन और समग्र फिटनेस पर विशेष ध्यान दिया गया। उनकी दिनचर्या बेहद व्यवस्थित है। सुबह जल्दी उठना, वार्म-अप, मुख्य अभ्यास सत्र और फिर रिकवरी पर फोकस उनकी दिनचर्या के अभिन्न अंग हैं।
खास बात यह है कि मृत्युंजय पाठक शुद्ध शाकाहारी भोजन का पालन करते हैं। उनका मानना है कि संतुलित शाकाहारी आहार उनकी फिटनेस और प्रदर्शन का महत्वपूर्ण हिस्सा है। प्रोटीन की आवश्यकता दालों, दूध उत्पादों, मेवों और सोया उत्पादों से पूरी की जाती है। इस आहार योजना ने उन्हें बिना किसी सप्लीमेंट के प्राकृतिक तरीके से ताकत हासिल करने में मदद की है। पावरलिफ्टिंग में पोषण की भूमिका पर अधिक जानकारी के लिए विकिपीडिया का पावरलिफ्टिंग पृष्ठ देखें।
सफलता का श्रेय और प्रेरणा
पदक जीतने के बाद मृत्युंजय पाठक ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के अटूट समर्थन, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और टाइटन फिटनेस जिम के सहयोगी माहौल को दिया। साथ ही उन्होंने अपने निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास को भी इसका कारण बताया। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक जीतना मेरे लिए बड़ी उपलब्धि है और इससे मुझे आगे और बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिली है।” उनके कोच ने भी उनकी कार्य नैतिकता और सीखने की ललक की सराहना की।
भविष्य का लक्ष्य: अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व
इस दोहरी सफलता से उत्साहित मृत्युंजय पाठक का अगला लक्ष्य स्पष्ट है। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहते हैं और देश के लिए पदक जीतना उनका सपना है। वे आगामी एशियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने की दिशा में काम शुरू कर चुके हैं। उनके कोच का मानना है कि निरंतरता और चोट मुक्त रहने पर वे जल्द ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर झंडा गाड़ेंगे।
जमशेदपुर में खुशी की लहर
मृत्युंजय पाठक की इस उपलब्धि से जमशेदपुर के खेल जगत में उत्साह का माहौल है। स्थानीय खेल संघों, जिम संचालकों और युवा खिलाड़ियों ने उन्हें बधाई दी है। उनकी सफलता शहर के अन्य युवाओं को भी पावरलिफ्टिंग जैसे खेल अपनाने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही है। टाइटन फिटनेस जिम में जश्न का माहौल है और नए प्रशिक्षुओं की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। झारखंड पावरलिफ्टिंग संघ ने भी उन्हें सम्मानित करने की घोषणा की है।
कुल मिलाकर, मृत्युंजय पाठक की यह जीत व्यक्तिगत सफलता से बढ़कर झारखंड के खेल इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ती है। उनकी यात्रा यह साबित करती है कि समर्पण, सही मार्गदर्शन और अनुशासित जीवनशैली से कम संसाधनों में भी बड़े मुकाम हासिल किए जा सकते हैं। शहर को अपने इस होनहार बेटे पर गर्व है।



