काठमांडू: नेपाल में भूकंप के दो झटके बुधवार तड़के महसूस किए गए जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। उत्तर-पश्चिमी नेपाल के मुगु जिले में करीब तीन घंटे के अंतराल पर आए इन झटकों की तीव्रता क्रमशः 4.5 और 4.2 मापी गई।
नेपाल में भूकंप: पहली घटना रात 1:51 बजे
राष्ट्रीय भूकंप मापन तथा अनुसंधान केंद्र के अनुसार पहला झटका रात 1 बजकर 51 मिनट पर दर्ज किया गया। रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 4.5 रही। भूकंप का केंद्र मुगु जिले के कलाई क्षेत्र के आसपास बताया गया है। झटके इतने तेज थे कि गहरी नींद में सोए लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए।
मुगु जिले में केंद्र, पड़ोसी जिलों तक असर
भूकंप का केंद्र मुगु जिले में होने के कारण इसका असर पड़ोसी जिलों डोल्पा और जुमला के कुछ हिस्सों में भी महसूस किया गया। स्थानीय निवासियों के मुताबिक झटके करीब 10-15 सेकंड तक महसूस हुए। हालांकि शुरुआती जानकारी में किसी के हताहत होने या बड़े स्तर पर संपत्ति के नुकसान की सूचना नहीं मिली है।
दूसरा झटका सुबह 4:28 बजे, तीव्रता 4.2
करीब ढाई घंटे बाद सुबह 4 बजकर 28 मिनट पर एक बार फिर धरती हिली। इस बार भूकंप की तीव्रता 4.2 मापी गई। इसका केंद्र भी मुगु जिले के आसपास ही बताया गया। लगातार दो बार भूकंप आने से लोग पूरी रात सो नहीं सके और दहशत में रहे।
प्रशासन अलर्ट, आफ्टरशॉक की आशंका
लगातार दो बार भूकंप आने के बाद स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। संभावित आफ्टरशॉक की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी की जा रही है। साथ ही किसी तरह के ढांचागत नुकसान की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
- पहला भूकंप: रात 1:51 बजे, तीव्रता 4.5, केंद्र मुगु जिला (कलाई क्षेत्र)
- दूसरा भूकंप: सुबह 4:28 बजे, तीव्रता 4.2, केंद्र मुगु जिला
- झटके डोल्पा और जुमला जिलों में भी महसूस हुए
- अब तक किसी हताहत या बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं
नेपाल भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र
नेपाल भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र में स्थित है और यहां समय-समय पर धरती के हिलने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। साल 2015 में आए विनाशकारी भूकंप ने पूरे देश को हिला कर रख दिया था जिसमें लगभग 9,000 लोगों की जान गई थी। 2015 के नेपाल भूकंप की यादें आज भी लोगों के जेहन में ताजा हैं जिससे मामूली झटके भी दहशत पैदा कर देते हैं।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
अधिकारियों के अनुसार फिलहाल दोनों घटनाओं के बाद किसी बड़ी क्षति की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय स्तर पर राहत एवं निगरानी से जुड़े इंतजामों पर नजर रखी जा रही है। लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और भूकंप के दौरान आवश्यक सुरक्षा सावधानियां बरतने की अपील की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस क्षेत्र में आफ्टरशॉक आ सकते हैं इसलिए इमारतों की जांच जरूरी है।
नेपाल सरकार ने भूकंप निगरानी तंत्र को मजबूत किया है और राष्ट्रीय भूकंप मापन तथा अनुसंधान केंद्र लगातार गतिविधियों पर नजर रख रहा है। इस बीच स्थानीय लोग रात भर खुले आसमान के नीचे गुजारने को मजबूर हुए। सुबह होते ही अधिकारी प्रभावित गांवों का दौरा कर नुकसान का आकलन कर रहे हैं।



