काठमांडू: नेपाल में बुधवार को आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात अब भी बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। नेपाल-चीन सीमा के पास भूस्खलन के कारण बनीं दो नई झीलों ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। इनमें से एक झील से लगातार पानी रिस रहा है, जबकि दूसरी का आकार बढ़ता जा रहा है। अधिकारियों को आशंका है कि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने पर दोबारा बाढ़ या भूस्खलन जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
नेपाल-तिब्बत सीमा पर दो झीलों से खतरा बरकरार
नेपाल-चीन सीमा से लगे पहाड़ी इलाके में भूस्खलन के बाद इन दोनों जलाशयों का निर्माण हुआ है। इसी क्षेत्र में बुधवार को अचानक आई बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई थी। तेज बहाव अपने साथ भारी मात्रा में कीचड़, रेत, बजरी और बड़ी-बड़ी चट्टानें बहाकर निचले इलाकों तक ले गया था। बाढ़ और भूस्खलन से नेपाल और तिब्बत में अब तक 633 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि मौत का आंकड़ा और बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। वहीं लापता लोगों की संख्या भी बढ़कर करीब 2,500 हो गई है। इनमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इसके अलावा करीब 400 भारतीय नागरिक तिब्बत में फंसे बताए जा रहे हैं।
राहत और बचाव अभियान में चुनौतियां
बड़ी संख्या में लोगों के लापता होने के कारण राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों में मलबे और तेज बहाव के बीच बचाव दलों के लिए अभियान चलाना बड़ी चुनौती बना हुआ है। प्रशासनिक अधिकारी लगातार दोनों झीलों के जलस्तर और रिसाव की निगरानी कर रहे हैं। मौसम विभाग ने भी अगले कुछ दिनों में बारिश की संभावना जताई है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।
तिब्बत में तबाही की नई तस्वीरें सामने आईं
चीन के सरकारी मीडिया ने तिब्बत में बाढ़ से हुई तबाही की नई तस्वीरें जारी की हैं। तस्वीरों में सीमा के आसपास का इलाका कीचड़, पत्थरों और मलबे से पूरी तरह ढका दिखाई दे रहा है। बचाव दल के सदस्य मलबे के बीच लोगों की तलाश करते नजर आ रहे हैं। रेस्क्यू टीम शुक्रवार दोपहर पहाड़ों को पार करते हुए, चट्टानों पर चढ़कर और तेज बहाव वाली नदियों को पार करते हुए ग्यिरोंग पोर्ट पहुंची थी। यह नेपाल और तिब्बत के बीच पर्यटकों तथा वाहनों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग रहा है।
ग्यिरोंग पोर्ट को भारी नुकसान
सैटेलाइट तस्वीरों के मुताबिक, बाढ़ के बाद ग्यिरोंग पोर्ट का इलाका बड़े पैमाने पर तबाह हुआ है। यहां कम से कम 554 लोगों के लापता होने की जानकारी है, जबकि 7 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। दो नई झीलों में पानी के स्तर और रिसाव की लगातार निगरानी की जा रही है। ऐसे में राहत एजेंसियों के सामने एक ओर मलबे में दबे लोगों को तलाशने की चुनौती है, तो दूसरी ओर नए जलाशयों से संभावित खतरे को रोकना भी बड़ी चिंता बना हुआ है।
नेपाल सरकार ने अंतरराष्ट्रीय सहायता की अपील की है। भारत सरकार भी अपने नागरिकों की सुरक्षा और निकासी के लिए नेपाल और चीन के अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क में है। नेपाल में आई इस आपदा ने हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को एक बार फिर उजागर किया है।



