रांची: परमहंस डॉ सदानंद जी महाराज के सानिध्य में श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के तत्वावधान में रांची के पुंदाग स्थित श्री राधा-कृष्ण प्रणामी मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जन्माष्टमी महोत्सव का भव्य आयोजन 4 सितंबर शुक्रवार को हर्षोल्लास एवं धार्मिक वातावरण में किया जाएगा।
जन्माष्टमी महोत्सव की विशेष तैयारियां
महोत्सव को लेकर मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्री कृष्ण प्रणामी सेवा धाम ट्रस्ट के उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल एवं ट्रस्ट के प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया कि जन्माष्टमी महोत्सव को विशेष और यादगार बनाने के लिए विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
कोलकाता से आएगी नृत्य-नाटिका टीम
इस वर्ष कोलकाता से विशेष रूप से नृत्य-नाटिका प्रस्तुत करने वाली कलाकारों की टीम भी रांची पहुंचेगी। कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, बाल लीलाओं, राधा-कृष्ण की भक्ति एवं श्रीकृष्ण के दिव्य चरित्र पर आधारित मनोहारी नृत्य-नाटिका प्रस्तुत की जाएगी। भव्य झूलन में लड्डू गोपाल विराजमान होंगें।
पूरे दिन का कार्यक्रम विवरण
- प्रातः 5:30 बजे: मंगला आरती
- सुबह 9 बजे: श्रृंगार आरती
- सुबह 11 बजे: भगवान को थाल भोग अर्पण
- संध्या 4 बजे: श्रद्धालुओं को भगवान के दर्शन
- संध्या 6 बजे: संध्या आरती
- रात्रि 7 बजे से: भजन-कीर्तन एवं जागरण मंडली के कलाकारों द्वारा भक्तिमय कार्यक्रम (मध्यरात्रि तक)
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के पावन अवसर पर विशेष आरती एवं तत्पश्चात प्रसाद वितरण किया जाएगा। प्रवक्ता संजय सर्राफ ने सभी श्रद्धालुओं, भक्तजनों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से जन्माष्टमी महोत्सव में सपरिवार शामिल होकर भगवान श्री राधा-कृष्ण का आशीर्वाद प्राप्त करने का आग्रह किया है।
मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए व्यवस्था
ट्रस्ट की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं प्रसाद वितरण काउंटर लगाए जाएंगे। सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्वयंसेवकों की टीम तैनात रहेगी। पार्किंग की समुचित व्यवस्था मंदिर परिसर के निकट की गई है।
इस धार्मिक आयोजन में रांची सहित आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में भक्तों के आने की उम्मीद है। ट्रस्ट के सदस्य पिछले कई दिनों से तैयारियों में जुटे हुए हैं ताकि हर भक्त को सुगम दर्शन एवं दिव्य अनुभूति प्राप्त हो सके।



