तेघड़ा: तेघड़ा अनुमंडल अंतर्गत बरौनी-2 पंचायत के बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन ने बाढ़ राहत कैंप शुरू कर दिया है। बाढ़ का पानी पुरवारी टोल, पासवान टोली, शर्मा टोली सहित आसपास के गांवों में घुसने के बाद राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है।
प्रभावित गांवों की स्थिति और प्रशासनिक पहल
तेघड़ा प्रखंड के बरौनी-2 पंचायत के कई टोलों में नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी प्रवेश कर गया है। इससे सैकड़ों परिवार प्रभावित हुए हैं। लोगों की सुरक्षा और सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ओझा टोल स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय-2 में राहत शिविर स्थापित किया है। इस शिविर में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है। प्रशासन की टीम लगातार प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर रही है और जरूरतमंद लोगों को शिविर तक पहुंचाने का काम कर रही है।
बाढ़ राहत कैंप में उपलब्ध सुविधाएं
राहत कैंप में प्रभावित परिवारों के ठहरने के लिए विद्यालय के कमरे उपलब्ध कराए गए हैं। यहां पेयजल, बिजली, भोजन, शौचालय एवं अन्य आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की पूरी व्यवस्था की गई है। कैंप में रह रहे लोगों को नियमित रूप से दोनों वक्त का भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। बिजली की निर्बाध आपूर्ति के लिए जनरेटर की भी व्यवस्था की गई है ताकि रात में रोशनी बनी रहे। पेयजल के लिए टैंकर और चापाकल की सुविधा सुनिश्चित की गई है।
चिकित्सा व्यवस्था और मेडिकल टीम
बाढ़ के कारण फैलने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए कैंप में मेडिकल टीम तैनात की गई है। डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम प्रभावित लोगों की नियमित स्वास्थ्य जांच कर रही है। बुखार, त्वचा रोग, डायरिया जैसी आम समस्याओं के लिए आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ख्याल रखा जा रहा है। गंभीर मरीजों को जरूरत पड़ने पर तेघड़ा रेफरल अस्पताल या सदर अस्पताल भेजने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था भी रखी गई है।
अनुमंडल पदाधिकारी का बयान
अनुमंडल पदाधिकारी श्री नीरज कुमार सिंह ने बताया कि बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा एवं सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा जरूरत के अनुसार राहत एवं बचाव कार्य को और विस्तारित किया जाएगा। एसडीओ ने बताया कि राहत कैंप में भोजन, पेयजल, बिजली, आवासन एवं चिकित्सा सहित आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को लगातार सक्रिय रहने का निर्देश दिया गया है ताकि प्रभावित लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
लोगों से सुरक्षित स्थान पर जाने की अपील
प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों से अपील की है कि जलस्तर बढ़ने अथवा किसी अन्य आपात स्थिति में वे सुरक्षित स्थान एवं राहत कैंप का सहारा लें। किसी भी आवश्यकता की स्थिति में स्थानीय प्रशासन को तत्काल सूचित करें। पंचायत स्तर के जनप्रतिनिधियों और स्वयंसेवकों को भी राहत कार्य में सहयोग के लिए लगाया गया है। जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा कर संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार कार्य किया जा रहा है। बिहार में बाढ़ की स्थिति पर सरकार लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। यदि जलस्तर और बढ़ता है तो निचले इलाकों से लोगों को निकालने के लिए नावों की संख्या बढ़ाई जाएगी। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है और राहत कैंप सुचारु रूप से चल रहा है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई गई सुविधाओं पर संतोष व्यक्त किया है।



