बेगूसराय: बिहार के बेगूसराय जिले में एक जागरण कार्यक्रम के दौरान मंच पर महिला डांसर के साथ कथित अभद्रता और थप्पड़ मारने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बेगूसराय में दरोगा निलंबित कर दिए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक के आदेश पर हुई है।
वायरल वीडियो से मचा बवाल
मामला मुफसिल थाना क्षेत्र अंतर्गत वैष्णवी दुर्गा स्थान, पानगाछी के पूजा पंडाल का है। बीते 19-20 अक्टूबर 2024 की रात जागरण कार्यक्रम के बाद मंच पर कुछ नृत्यांगनाओं द्वारा अशोभनीय डांस किए जाने का आरोप है। इसी दौरान वहां प्रतिनियुक्त एक पुलिस पदाधिकारी मंच पर चढ़ गए और डांसरों को हटाने के क्रम में आयोजकों के साथ धक्का-मुक्की करते दिखे। वीडियो में उक्त पदाधिकारी एक महिला कलाकार को थप्पड़ मारते हुए भी प्रतीत हो रहे हैं।
यह वीडियो फेसबुक और इंस्टाग्राम समेत कई प्लेटफॉर्म पर चंद घंटों में वायरल हो गया। आम जनता के साथ-साथ जनप्रतिनिधियों ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई। मामला संज्ञान में आते ही पुलिस अधीक्षक, बेगूसराय ने इसे गंभीरता से लिया।
बेगूसराय में दरोगा निलंबित: जांच के आदेश
पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से संबंधित दरोगा (एसआई) को निलंबित कर दिया। साथ ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-01 को पूरे प्रकरण की त्वरित और निष्पक्ष जांच का जिम्मा सौंपा गया है। एसपी कार्यालय से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर नियमानुसार विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का पक्ष और आगे की कार्रवाई
प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि उक्त पदाधिकारी विधि-व्यवस्था संधारण के उद्देश्य से मंच पर गए थे। लेकिन बल प्रयोग का तरीका और महिला कलाकार के साथ व्यवहार मर्यादा के विपरीत पाया गया। इसी आधार पर निलंबन की कार्रवाई की गई है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, जांच में वीडियो की फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि धार्मिक आयोजनों की आड़ में अश्लीलता परोसने का चलन बढ़ रहा है। पुलिस को कानून व्यवस्था बनाए रखने का अधिकार है, लेकिन किसी महिला के साथ सार्वजनिक मंच पर मारपीट कतई स्वीकार्य नहीं है। इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर
- यूजर्स ने #BegusaraiPolice और #DarogaSuspended हैशटैग के साथ ट्वीट किए।
- कई महिला संगठनों ने दोषी पदाधिकारी पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
- कुछ लोगों ने आयोजकों पर भी कार्रवाई की मांग उठाई।
बेगूसराय पुलिस ने आमजन से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें। जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें। पुलिस पारदर्शी जांच के लिए प्रतिबद्ध है। अधिक जानकारी के लिए बिहार पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक कार्यक्रमों में सुरक्षा और मर्यादा के बीच संतुलन की जरूरत को रेखांकित किया है। प्रशासन अब भविष्य में ऐसे आयोजनों के लिए सख्त गाइडलाइन जारी करने पर विचार कर रहा है।



