चेन्नई: चक्रवात मुरासु के भीषण खतरे को देखते हुए सोमवार को चेन्नई और तिरुवल्लुर जिलों में सभी स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश जारी किया गया। क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र (आरएमसी) ने दोनों जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित करते हुए अगले 24 घंटों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की चेतावनी दी है। जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यह छुट्टी घोषित की ताकि छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
चक्रवात मुरासु की वर्तमान स्थिति और रफ्तार
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के ताजा बुलेटिन के अनुसार, चक्रवात मुरासु सोमवार सुबह दक्षिण-पश्चिम और पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर मौजूद था। यह सिस्टम 22 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने पुष्टि की है कि सोमवार सुबह तक यह एक गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो चुका है। इसके उत्तर-पश्चिम की ओर मुड़कर आंध्र प्रदेश के तट की तरफ बढ़ने की प्रबल संभावना व्यक्त की गई है।
आंध्र प्रदेश तट पर लैंडफॉल का समय और तीव्रता
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह तूफान सोमवार रात 11:30 बजे से मंगलवार सुबह 4:00 बजे के बीच नेल्लोर और नरसापुर के बीच आंध्र तट से टकराएगा (लैंडफॉल)। तट से टकराते समय हवा की गति 100-110 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है, जो झोंकों के साथ 120 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इस दौरान समुद्र में ऊंची लहरें उठने और तटीय इलाकों में जलभराव की आशंका है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है।
तमिलनाडु के जिलों के लिए अलग-अलग अलर्ट जारी
चेन्नई और तिरुवल्लुर के लिए ऑरेंज अलर्ट के अलावा, सोमवार को चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर और नीलगिरी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 7 से 11 सेंटीमीटर तक भारी बारिश हो सकती है। मंगलवार के लिए बारिश की चेतावनी फिलहाल नीलगिरी के कुछ इलाकों तक ही सीमित रखी गई है। मौसम विभाग के अनुसार, तूफान का असर कमजोर पड़ने के साथ ही बारिश का दायरा भी सिमट जाएगा।
तेज हवाओं और बिजली गिरने का खतरा
तूफान के प्रभाव से सोमवार को तिरुवल्लुर, चेन्नई, चेंगलपट्टू, कांचीपुरम, रानीपेट, वेल्लोर, तिरुवन्नामलाई और विल्लुपुरम जिलों के साथ-साथ पुडुचेरी के कुछ हिस्सों में 55-65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जो झोंकों के साथ 75 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। अन्य उत्तरी तटीय जिलों में हवा की गति 40-50 किमी प्रति घंटा (झोंके 60 किमी प्रति घंटा) रहने का अनुमान है। आरएमसी ने तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी है, जो 5 नवंबर तक जारी रह सकती है।
प्रशासन ने कसी कमर, आपदा प्रबंधन टीमें तैनात
उत्तरी तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश की आशंका को देखकर राजस्व प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिला कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया है। अतिरिक्त मुख्य सचिव और राजस्व प्रशासन आयुक्त ने कलेक्टरों से कर्मचारियों को तैनात करने, तैयारियों को मजबूत करने और स्थिति पर कड़ी नजर रखने को कहा है। मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तुरंत राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र को दी जा सके। राहत शिविरों और बचाव नौकाओं को स्टैंडबाय पर रखा गया है।
लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और मौसम विभाग की आधिकारिक चेतावनियों पर ही भरोसा करें। अधिक जानकारी के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग की वेबसाइट देखें।



