दुमका: दुमका चेकडैम हादसा में रविवार को सोशल मीडिया पर रील बनाने का शौक तीन दोस्तों पर भारी पड़ गया। धोबई नदी पर बने चेकडैम में तेज धार के बीच नहाने उतरे दो किशोर गहरे पानी में डूब गए। करीब चार घंटे की तलाश के बाद 16 वर्षीय रमण मंडल का शव बरामद कर लिया गया, जबकि दूसरे किशोर पांडव का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। अपने साथियों को डूबता देख तीसरे दोस्त ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को सूचना दी।
दुमका चेकडैम हादसा: कैसे हुई घटना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रविवार दोपहर तीन दोस्त धोबई नदी स्थित चेकडैम के पास पहुंचे थे। तीनों चेकडैम पर चढ़कर रील बनाने और मौज-मस्ती करने लगे। अचानक तेज धार की चपेट में आने से रमण मंडल और पांडव गहरे पानी में चले गए। तीसरे दोस्त ने जब उन्हें डूबते देखा तो उसने शोर मचाया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण और मछुआरे मौके पर पहुंचे।
स्थानीय गोताखोरों ने चलाया तलाशी अभियान
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने स्थानीय गोताखोरों और मछुआरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू किया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रमण मंडल का शव पानी से बाहर निकाला जा सका। वहीं पांडव की तलाश जारी है। अंधेरा होने के कारण तलाशी अभियान में दिक्कत आई। पुलिस ने कहा कि सुबह फिर से तलाशी शुरू की जाएगी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
घटना की जानकारी मिलते ही दोनों किशोरों के परिजन मौके पर पहुंच गए। रमण मंडल का शव देखते ही परिजन बिलख पड़े। पांडव के परिजन उसके सकुशल लौटने की दुआ कर रहे हैं। माहौल गमगीन हो गया। ग्रामीणों ने परिजनों को ढांढस बंधाया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
चेकडैम पर सुरक्षा इंतजाम नहीं
ग्रामीणों ने बताया कि चेकडैम पर न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगा है और न ही सुरक्षा के कोई इंतजाम हैं। बरसात के दिनों में यहां पानी का बहाव तेज रहता है। इसके बावजूद युवा यहां रील बनाने और नहाने आते रहते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि चेकडैम पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त की जाए ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
पुलिस ने की अपील
थाना प्रभारी ने कहा कि युवाओं से अपील है कि वे बरसात में नदी-नालों और चेकडैम के पास न जाएं। तेज धार में नहाना जानलेवा साबित हो सकता है। सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के चक्कर में जान जोखिम में न डालें। पुलिस मामले की जांच कर रही है। दुमका जिले में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है।
घटना के बाद से इलाके में मातम पसरा है। स्कूल-कॉलेज के छात्रों में भी इस घटना को लेकर चर्चा है। शिक्षाविदों ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों को सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल के प्रति जागरूक करें।



