रांची: झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार से आज लोकभवन में हनुमान गढ़ी के पुजारी श्री राम सुंदर दास जी महाराज ने मुलाकात की। इस अवसर पर पुजारी जी ने राज्यपाल को श्री राम जी की प्रतिमा, अंगवस्त्र एवं हनुमान गढ़ी का प्रसाद भेंट कर आशीर्वाद दिया। मौके पर हिंदू जागरण मंच झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष बिक्रम शर्मा भी उपस्थित रहे।
झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने प्राप्त किया आशीर्वाद
लोकभवन में आयोजित इस शिष्टाचार भेंट के दौरान वातावरण भक्तिमय रहा। हनुमान गढ़ी अयोध्या के प्रसिद्ध पुजारी श्री राम सुंदर दास जी महाराज ने राज्यपाल संतोष गंगवार को भगवान श्री राम की प्रतिमा भेंट की। साथ ही उन्होंने अंगवस्त्र और हनुमान गढ़ी का प्रसाद भी दिया। राज्यपाल ने श्रद्धापूर्वक प्रसाद ग्रहण किया और पुजारी जी का आशीर्वाद प्राप्त किया।
हिंदू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष रहे मौजूद
इस अवसर पर हिंदू जागरण मंच झारखंड के प्रदेश अध्यक्ष बिक्रम शर्मा विशेष रूप से उपस्थित थे। उन्होंने इस मुलाकात को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया। बिक्रम शर्मा ने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में धार्मिक सद्भाव और सांस्कृतिक मूल्यों का संवर्धन होता है।
हनुमान गढ़ी का ऐतिहासिक महत्व
हनुमान गढ़ी अयोध्या के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। मान्यता है कि यहां हनुमान जी स्वयं विराजमान हैं। इस मंदिर का निर्माण विक्रमादित्य ने कराया था, बाद में नवाब शुजाउद्दौला ने इसका जीर्णोद्धार कराया। हनुमान गढ़ी के पुजारी श्री राम सुंदर दास जी महाराज इस पीठ के वर्तमान महंत हैं और उनकी गिनती प्रमुख संतों में होती है।
राज्यपाल संतोष गंगवार का परिचय
संतोष गंगवार उत्तर प्रदेश के बरेली से सांसद रहे हैं और केंद्र सरकार में मंत्री पद संभाल चुके हैं। उन्हें फरवरी 2024 में झारखंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया। वे अपनी सरलता और जनसेवा के लिए जाने जाते हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद से वे लगातार राज्य के विभिन्न वर्गों से मुलाकात कर रहे हैं।
सांस्कृतिक विरासत का संवर्धन
राज्यपाल संतोष गंगवार ने इस भेंट के दौरान कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत अद्वितीय है। संत-महात्माओं का आशीर्वाद समाज को दिशा देता है। उन्होंने हनुमान गढ़ी के पुजारी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे अवसर जीवन को धन्य बनाते हैं।
प्रदेश में धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं
हिंदू जागरण मंच के प्रदेश अध्यक्ष बिक्रम शर्मा ने इस अवसर पर झारखंड में धार्मिक पर्यटन की संभावनाओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि झारखंड में अनेक प्राचीन मंदिर और तीर्थस्थल हैं। इन्हें विकसित कर धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।
भेंट का सांस्कृतिक महत्व
श्री राम जी की प्रतिमा, अंगवस्त्र और प्रसाद की भेंट भारतीय परंपरा में सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक मानी जाती है। अंगवस्त्र भेंट करना गुरुजनों और विशिष्ट जनों के प्रति सम्मान प्रदर्शित करने की प्राचीन परंपरा है। हनुमान गढ़ी का प्रसाद प्राप्त करना भक्तों के लिए सौभाग्य की बात मानी जाती है।
आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा
बिक्रम शर्मा ने बताया कि हिंदू जागरण मंच झारखंड में सांस्कृतिक और सामाजिक जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। संत समाज के सानिध्य में ऐसे आयोजनों से युवा पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने में सहायता मिलती है। संगठन शीघ्र ही प्रदेश स्तर पर एक वृहद सांस्कृतिक समागम की योजना बना रहा है।
इस शिष्टाचार भेंट के समापन पर राज्यपाल संतोष गंगवार ने पुनः पुजारी श्री राम सुंदर दास जी महाराज का आभार व्यक्त किया और उन्हें झारखंड आने का निमंत्रण दिया। पुजारी जी ने राज्यपाल को अयोध्या पधारने का आशीर्वाद दिया।



